जब बच्चा अपनी माँ के गर्भ से इस दुनिया में आता है तो उसकी इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है, जिसके कारण जन्म के कुछ साल तक बच्चे काफी ज्यादा बीमार पड़ते हैं। यह आम बीमारियां सर्दी, खांसी, बुखार, सर्द-गर्म आदि होती है। अक्सर पेरेंट्स यह कोशिश करते हैं कि उनके बच्चे को किसी भी तरह की परेशानियां न आए और अगर आ भी जाए तो उसे तुरंत ठीक कर लिया जाए।
जड़ से बीमारी का इलाज होना ही होम्योपैथी चिकित्सा की पहचान
डॉ जयश्री मालिक ने बताया कि पहले कि तुलना में माता पिता अब अपने बच्चों के स्वास्थ्य, आहार और स्वछता के बारे में अधिक चिंतित रहते हैं। जब वह अपने बच्चों को चिकित्सा प्रदान करने के बारे में सोचते हैं तो वह गुणवत्ता की और ज़्यादा ध्यान देते हैं, क्योंकि आजकल दी जाने वाली एंटीबायोटिक के बहुत ज़्यादा दुष्प्रभाव हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति से असाध्य से असाध्य रोगों का इलाज आसानी से समय रहते हो जाता है, वहीं कम खर्च में बेहतर और जड़ से बीमारी का इलाज होना ही होम्योपैथी चिकित्सा की पहचान है।
क्लासिकल होमियोपैथी एक सुरक्षित और असरदार इलाज़
क्लासिकल होम्योपैथी इलाज आज से नहीं बल्कि सदियों से एक सुरक्षित और असरदार इलाज के रूप में देखा जाता है, इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं हैं। इस चिकित्सा पद्धति को इसलिए भी प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि यह बच्चों की सभी बीमारियों को जड़ से खत्म करने के लिए काम करती है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा
होम्योपैथिक इलाज के दौरान बच्चों को दी जाने वाली दवा उनके इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाने का काम करती है, जिससे कि बच्चे किसी भी बीमारी से लड़ने में सक्षम होते हैं। बच्चों को यह दवा काफी पसंद आती है क्योंकि इलाज की दवा मीठी होती है और बच्चे इसे आसानी से खा भी लेते हैं।
होम्योपैथी कैसे है फायदेमंद ?
डॉ जयश्री मलिक ने बताया कि होम्योपैथिक दवा प्राकृतिक पदार्थ की मदद से बनाई जाती है। इसके लिए कई जरूरी पेड़, पौधों और खनिजों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इसे जड़ी बूटी से तैयार की जाने वाली दवा भी कहा जाता है। यह दवा सीधे तौर पर शरीर के सेल्स पर काम करती है जो इन्फेक्शन या बीमारी से प्रभावित होते हैं।
एक सुरक्षित इलाज
यह एक सुरक्षित इलाज का जरिया है, जिससे किसी को भी किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता। होम्योपैथिक डॉक्टर उपचार योजना प्रदान करता है जो संपूर्ण स्वास्थ्य में बदलाव सुनिश्चित करता है। सोशल मीडिया पर कई तरह की दवाइयां उपलब्ध है, लेकिन ध्यान रहे कि इन दवाइयों का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें, दवा कैसे, कब और कितनी मात्रा में लेनी है, इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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