आए दिन साइबर ठगी के मामले सामने आते रहते है, जिन्हें बखूबी से विभिन्न टी.वी.चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर लोगों को जागरूक किया जाता है बावजूद इसके लोग ठगी के शिकार हो जाते हैं, इसी कड़ी में हरियाणा के रेवाड़ी में भी विगत 10 फरवरी को रेवाडी के एक शख्स से 5 लाख 23 हजार की सायबर ठगी की शिकायत मिली जिसके बाद रेवाडी सायबर पुलिस की पुलिस अधीक्षक मयंक गुप्ता के दिशा पर एक टीम गठित कर ठगी करने वाले पांच सायबर ठगों को बिहार के पटना से गिरफ्तार किया गया।
जिन्हें अब कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि इन ठगों के पूरे नेटवर्क तक पंहुचा जा सके। पुलिस की जांच में अभी तक देश के अलग-अलग शहरों से इनके खिलाफ 82 शिकायतें दर्ज पाई गई। वहीं रेवाडी के एक व्यक्ति की शिकायत के बाद रेवाड़ी की पुलिस ने टीम गठित कर पांचों आरोपियों को पटना में किराए के मकान से गिरफ्तार किया। पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक डॉ.मयंक गुप्ता ने प्रेस इसका खुलासा करते हुए बताया कि विगत दस फरवरी को रेवाड़ी के गांव मूसेपुर निवासी वेदप्रकाश ने डायल 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज करवाई कि उसे किसी अनजान व्यक्ति ने फोन करके कहा कि आपको अपने बैंक कार्यों के लिए बार बार बैंक नहीं जाना पड़े इसके लिये आपको बैंक की ऐप डाउनलोड करनी होगी और उस व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर एक ऐप डाउनलोड करवा दी जिसके बाद इनके खाते से एफ़.डी.ब्रेक कर 5 लाख 23 हजार रुपये निकाल लिये गए। शिकायत के बाद टीम गठित कर बिहार के पटना से एक किराए के मकान में रह रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए आरोपियों में से दो उड़ीसा ऒर तीन बिहार के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से 36 पासबुक, 55 चैक, 35 अकाउंट किट, 98 ए टी एम कार्ड व दर्जनों सिम व फोन बरामद किए गए हैं। इनके खिलाफ अभी तक अलग अलग शहरों में 82 सायबर फ्राड के मामले दर्ज हैं। पकड़े गए आरोपियों में एक बारहवीं व चार दसवीं तक ही पढ़े हुए हैं।बेक आरोपी के खिलाफ 2023 में एक मामला दर्ज हुआ था। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि वह ठगी से बचने के लिये कच्चे लालच में न फंसे, अनजान नम्बरों द्वारा भेजे गए लिंक को क्लिक न करें ऒर न ही किसी इन्वेस्टमेंट में फंसे अपना ओ टी पी व बैंक डिटेल किसी से शेयर न करें।