हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने अराजकीय स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। बोर्ड के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार के आदेशानुसार प्रदेशभर में कोई भी अराजकीय विद्यालय विद्यार्थियों के अभिभावकों को निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें खरीदने पर मजबूर नहीं कर सकता।
हरियाणा सरकार द्वारा यह कदम अभिभावकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में उठाया गया है। उन्होंने आगे बताया कि जल्द ही शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेशभर के विद्यालयों में पढ़ाई जा रही पाठ्य-पुस्तकों की चैकिंग के लिए विशेष उड़नदस्ते गठित किए जाएंगे।
बोर्ड द्वारा गठित उड़दस्तों द्वारा चैकिंग के दौरान यदि कोई विद्यालय शिक्षा विभाग व शिक्षा बोर्ड के निर्देशों की अवहेलना करता पाया जाता है तो उनके खिलाफ बोर्ड द्वारा सम्बद्धता नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इसे शिक्षा के अधिकार एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने बताया कि निजी विद्यालयों को ऐसी किताबों पर रोक लगा देनी चाहिए जो न तो जरूरी हैं, और न ही नीति के अनुसार हैं।
related
खतरे में जिंदगियां: अवैध पटाखा गोदाम में धमाके से हिलीं कईं मकानों की नींव, मलबे की चपेट में आई बच्ची
अमर हुआ खाकी का फर्ज: ब्रेन डेड होने के बाद भी कुलदीप ने निभाया 'रक्षक' का धर्म, अंगदान की पेश की मिसाल
आबादी के करीब मंडराया तेंदुआ, शिकार मुंह में दबोचे दिखा, प्रतापनगर के मांडेवाला गऊशाला क्षेत्र में दहशत
Latest stories
CISF की जांबाज खिलाड़ी ने चीन में गाड़ा जीत का झंडा, रितु श्योराण की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड
पानीपत के 35 गांवों की बदलेगी सूरत, 'मास्टर प्लान' तैयार, जानिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का 'मिशन विलेज'
फिरोजपुर झिरका में सीवर की जहरीली गैस ने छीनी दो मजदूरों की जिंदगी, ठेकेदार फरार, जिम्मेदार कौन?