यमुना नदी के तटों को मजबूत करने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से कार्य किया जा रहा है जिस पर विभाग द्वारा करीब 6 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। तटों को मजबूत करने के लिए लाल पत्थर मंगवाया गया है। विभाग द्वारा इस बार राणा माजरा से बिलासपुर तक 6 प्वाइंटों पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है। विदित हो कि पानीपत जिले में हर बार मानसून सीजन की एंट्री से पहले यमुना नदी पर तटों को मजबूत करने का कार्य करवाया जाता है।
निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में चल रहा
हालांकि जून के अंत तक मानसून जिले में दस्तक दे सकता है। फिलहाल प्री मानसून की बारिश हो रही है और कई बार मौसम भी परिवर्तन हो रहा है। विभाग का दावा है कि निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में चल रहा है जिसमें स्टड को बनाने और उनकी मरम्मत करवाई जा रही है। स्टड की मजबूती के लिए चारों ओर तारबंदी की जा रही है, ताकि जब यमुना में पानी का स्तर बढ़े तो साथ लगते गांवों में पानी न घुसे। निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला उपायुक्त भी संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दे चुके हैं कि तय समय पर कार्य को पूरा किया जाए।
पिछले वर्ष यमुना के साथ लगते क्षेत्रों में इतनी तबाही नहीं देखी गई
जिले में कई बार यमुना मचा चुकी है तबाही वर्ष 2023 में जिले के राणा माजरा,नवादा आर, नवादा पार, झांबा, सनौली खुर्द आदि क्षेत्रों में यमुना से सटे गांवों में पानी भारी तबाही मचाई थी। कुछ लोग अपने घरों को छोडक़र दूसरे स्थानों पर रहने के लिए मजबूर हो गए थे। कई दिनों तक पानी का स्तर कम नहीं हुआ था। जबकि वर्ष 2013 में भी यमुना बांध टूट गया था। हालांकि पिछले वर्ष यमुना के साथ लगते क्षेत्रों में इतनी तबाही नहीं देखी गई।
जल्द ही बाकी को भी पूरा कर लिया जाएगा
इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून मजबूत स्थिति में रहेगा जिस कारण भारी बारिश होने की संभावना बनी है। इसी को मद्देनजर रखते हुए सिंचाई विभाग द्वारा तटबंधों को मजबूत करवाया जा रहा है। इस बार करीब 6 करोड़ की लागत से यमुना नदी के साथ लगते क्षेत्र में 6 जगहों पर तटबंधों को मजबूत करने का कार्य करवाया जा रहा है। तय समय पर कार्य पूरा कर लिया जाएगा। 75 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही बाकी को भी पूरा कर लिया जाएगा।