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The Haryana Story | अरावली की गोद में' विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी' बनने जा रही हरियाणा की 'नई पहचान'

अरावली की गोद में' विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी' बनने जा रही हरियाणा की 'नई पहचान'

हरियाणा में यह जंगल सफारी लगभग 10,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों, पक्षियों और प्राकृतिक जैव विविधता को संरक्षित किया जाएगा

प्रतीकात्मक तस्वीर

अरावली की गोद में विकसित होने वाली विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी अब हरियाणा की नई पहचान बनने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल राज्य में हरित पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगी। इस परियोजना को मूर्तरूप देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ गुजरात के वनतारा जामनगर का दौरा कर जानकारी हासिल की। 

नई ऊँचाई देने का प्रेरणादायक उदाहरण

सीएम सैनी ने कहा गुजरात के जामनगर स्थित विश्व के सबसे बड़े तेल शोधन संयंत्र, रिलायंस पेट्रोलियम रिफाइनरी का केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल जी एवं टीम हरियाणा के साथी राव नरबीर सिंह के साथ अवलोकन करना सुखद रहा। भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक यह संयंत्र, आधुनिकतम संसाधनों के समन्वय से उत्पादन, प्रबंधन और निर्यात क्षमता को नई ऊँचाई देने का प्रेरणादायक उदाहरण है।

लगभग 10,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी जंगल सफारी

हरियाणा में यह जंगल सफारी लगभग 10,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों, पक्षियों और प्राकृतिक जैव विविधता को संरक्षित किया जाएगा। यह सफारी आधुनिक तकनीक से युक्त होगी और इसमें ईको फ्रेंडली टूरिज्म की विशेष व्यवस्था की जाएगी। अरावली की पहाड़ियों में सफारी के विकास से स्थानीय युवाओं को पर्यटन, गाइडिंग, हॉस्पिटैलिटी और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, यह परियोजना क्षेत्रीय जलवायु और पारिस्थितिकी को भी सुदृढ़ करेगी। नायब सिंह सैनी इस बड़ी परियोजना को लेकर स्वयं समय-समय पर समीक्षाएं कर रहे हैं।

विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परियोजना पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली हो

उन्होंने वन एवं पर्यावरण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परियोजना पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली हो। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसरों को सृजित करने में मील का पत्थर साबित होगी। वन एवं पर्यावरण विभाग तथा पर्यटन विभाग संयुक्त रूप से इस परियोजना को मूर्त दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि यह सफारी देश और विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बने और हरियाणा को इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी बनाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में यह जंगल सफारी परियोजना सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत होगा।

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