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The Haryana Story | कालांवाली जलघर में पहुंचा राइस मिल का ज़हरीला पानी, सल्फास-केमिकल युक्त पानी ने बढ़ाया खतरा, ग्रामीणों में भारी रोष

कालांवाली जलघर में पहुंचा राइस मिल का ज़हरीला पानी, सल्फास-केमिकल युक्त पानी ने बढ़ाया खतरा, ग्रामीणों में भारी रोष

गांव के सैकड़ों लोग जलघर में पहुंचे जताने रोष, सल्फास, कैमिकल और गंदगी का पानी डिग्गियों में घुसा, एसडीओ और हैफेड डीएम पहुंचे मौके पर, पानी निकालने और सुरक्षा उपायों के आदेश

प्रतीकात्मक तस्वीर

सिरसा जिले के कालांवाली गांव के जलघर में हैफेड राइस मिल से आया कथित कैमिकल युक्त और सल्फास से संदूषित पानी पूरे गांव के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है। गांव के प्रमुख नागरिक गुरतेज सिंह सोढ़ी, सत्ता चहल, राजू सरपंच सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को जलघर पर एकत्र होकर गंदे और जानलेवा पानी को लेकर भारी रोष व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि जिस पानी को पीने के लिए सप्लाई किया जाता है, उसमें अब ज़हर घुलने का खतरा पैदा हो गया है।

डिग्गी में लगभग 2 फुट गंदा और केमिकल युक्त पानी भर गया

गांव में स्थित हैफेड की राइस मिल, जहां चावल की प्रोसेसिंग होती है, उसी के नजदीक स्थित जलघर की एक डिग्गी में लगभग 2 फुट गंदा और केमिकल युक्त पानी भर गया। बताया गया कि राइस मिल में चावल और गेहूं का भंडारण किया गया है। इन भंडारण इकाइयों में गेहूं को कीटों से बचाने के लिए सल्फास की गोलियां और अन्य रसायन रखे जाते हैं। मिल से निकला यह पानी जब जलघर की दीवारों में बने एक पुराने छेद से भीतर घुसा, तो उसने पूरे सिस्टम को संकट में डाल दिया। 

कैसे पीएं ज़हर घुला पानी? .....किसी ने हमारी नहीं सुनी

ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि जलघर में लोगों के पीने के लिए रखे गए पानी में ऐसे खतरनाक केमिकल कैसे पहुंच सकते हैं? गुरतेज सिंह सोढ़ी ने कहा कि "हम अपने बच्चों को यही पानी पिलाते हैं, अब तो पीने से पहले डर लगने लगा है। यदि कैमिकल युक्त पानी पीने से कोई हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?" राजू सरपंच ने मौके पर कहा कि जलघर में किसी भी प्रकार का बाहरी पानी जाना अपने आप में एक गंभीर प्रशासनिक चूक है। "हमने कई बार विभाग को चेताया था कि दीवारों में दरारें और छेद बंद किए जाएं, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी।"

प्रशासन की लापरवाही से खतरे में पूरा गांव 

ग्रामीणों के साथ पहुंचे सत्ता चहल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह केवल एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि जानलेवा लापरवाही है। "यदि समय रहते गांववाले मौके पर ना आते तो यह पानी पूरे गांव में सप्लाई हो जाता, जिससे दर्जनों लोग बीमार पड़ सकते थे।" 

एसडीओ जलदाय विभाग मौके पर पहुंचे, कहा – किया जाएगा समाधान 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जलदाय विभाग के एसडीओ जगवीर सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत पानी सप्लाई को बंद करवा दिया और प्रभावित डिग्गी को खाली करने के निर्देश दिए। एसडीओ ने कहा कि "हम इस पानी को टेस्ट के लिए लैब में भेजेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में मिल से कोई भी पानी जलघर में ना घुसे।" उन्होंने यह भी कहा कि जलघर की दीवारों में यदि कहीं से भी रिसाव हो रहा है, तो उसे तत्काल बंद किया जाएगा। एक इंजीनियरिंग टीम को बुलाकर पूरे परिसर की जांच करवाई जा रही है। 

हैफेड डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए किसी भी यूनिट से जलघर की ओर पानी नहीं जाना चाहिए

हैफेड के जिला प्रबंधक मांगे राम भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राइस मिल के किसी भी यूनिट से जलघर की ओर पानी नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमने राइस मिल अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि जलनिकासी व्यवस्था को ठीक किया जाए। इसके अलावा, जहां-जहां से पानी रिसकर जलघर में पहुंचा है, उन सभी छेदों और रास्तों को पक्के तौर पर बंद किया जाए।" 

एक डिग्गी में भर गया था दो फुट गंदा पानी, किया जाएगा बाहर

निकासी ग्रामीणों की मौजूदगी में जलदाय विभाग ने यह जानकारी दी कि केवल एक डिग्गी में करीब दो फुट गंदा और रसायन युक्त पानी भर गया है। इस पानी को बाहर निकालकर एक खाली स्थान में फेंका जाएगा ताकि यह अन्य डिग्गियों या सप्लाई सिस्टम में ना पहुंचे। 

गांव में मचा हड़कंप, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा डरे

 गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। महिलाएं खासकर बच्चों को लेकर चिंतित हैं। "बच्चे पहले से ही गर्मियों में बीमार पड़ रहे हैं, अब यदि ऐसा पानी पी लिया तो हालत और खराब हो सकती है," गांव की महिला परमजीत कौर ने कहा। बुज़ुर्गों ने बताया कि पहले भी राइस मिल से बदबूदार पानी निकलकर आसपास की ज़मीन में भरता रहा है, लेकिन अब यह पानी जलघर तक पहुंच गया, जो बर्दाश्त के बाहर है।

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