हरियाणा सरकार जीरो टॉलरेंस फॉर क्राइम की नीति पर काम करते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए सार्थक कदम उठा रही है। पिछले वर्षों की तुलना में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, साइबर क्राइम पर नियंत्रण, नशा माफिया के खिलाफ कार्रवाई और गैंगस्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
तथ्यात्मक आंकड़े देख लेते तो शायद वे इस तरह की बयानबाजी प्रेस के समक्ष नहीं करते
सरकारी प्रवक्ता ने विपक्ष द्वारा राज्य में अपराध दर को लेकर दिए गए बयानों को भ्रामक, तथ्यहीन बताते हुए कहा कि उनके द्वारा जनता में भय का माहौल पैदा करने और गुमराह करने का काम किया जा रहा है। विपक्ष के नेता यदि एक बार पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2004 से 2014 तथा 2014 से 2024 के जारी किए गए तथ्यात्मक आंकड़े देख लेते तो शायद वे इस तरह की बयानबाजी प्रेस के समक्ष नहीं करते। प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बेहद गंभीर है और गत दिनों उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मजबूत और प्रभावी कानून व्यवस्था बनाए रखने के स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री निरंतर कानून व्यवस्था को लेकर कर समीक्षा करते हैं..
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था की मजबूती ही विकास और शांति की नींव है और इस दिशा में सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री निरंतर कानून व्यवस्था को लेकर कर समीक्षा करते हैं और समय-समय पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश देते हैं ताकि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
वर्ष 2014 में अत्याधिक 1106 मामले थे तो वर्ष 2024 में 966 दर्ज किए गए जिसकी वार्षिक वृद्धि प्रतिशता-1.22 रही
प्रवक्ता ने हरियाणा राज्य क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़े सांझा करते हुए बताया कि वर्ष 2004-14 के बीच अपराधों में औसतन वार्षिक वृद्धि अधिकतम 18.69 प्रतिशत रही थी, जबकि 2014 से 2024 के बीच स्नैचिंग को छोड़कर अधिकतर मामलों में यह वृद्धि माइनस (-) में रही, जो कांग्रेस के 10 वर्षों के समय हमेशा प्लस में रही थी। प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2004 में हत्या के 733 मामले दर्ज हुए थे जो वर्ष 2014 में बढ़कर 1106 मामले हो गए और इस प्रकार इनमें वार्षिक वृद्धि 3.81 प्रतिशत दर्ज की गई। वर्ष 2014 में अत्याधिक 1106 मामले थे तो वर्ष 2024 में 966 दर्ज किए गए जिसकी वार्षिक वृद्धि प्रतिशता-1.22 रही।
वर्ष 2023 और 2024 के वार्षिक आंकड़ों की तुलना से भी स्पष्ट है कि मामलों में कमी आई
प्रवक्ता ने बताया कि 1 जनवरी से 30 जून 2025 तक के तुलनात्मक अपराध आंकड़ों के अनुसार, 2024 की समान अवधि की तुलना में प्रमुख अपराध श्रेणियों में गिरावट दर्ज की गई। हत्या के मामलों में 7 प्रतिशत की गिरावट, डकैती में 30.13 प्रतिशत की कमी, झपटमारी में 11.64 प्रतिशत की गिरावट, सेंधमारी (चोरी) में 13.27 प्रतिशत की कमी, सामान्य चोरी के मामलों में 6.55 प्रतिशत की गिरावट, बलात्कार के मामलों में 26.14 प्रतिशत की महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, अपहरण के मामलों में 16.67 प्रतिशत की कमी तथा छेड़छाड़/यौन उत्पीड़न के मामलों में 16.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2023 और 2024 के वार्षिक आंकड़ों की तुलना से भी स्पष्ट है कि मामलों में कमी आई है।
बड़ी संख्या में वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों, गैंग सदस्यों और अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया
डकैती के मामलों में 31.98 प्रतिशत, बलात्कार के प्रयास के मामलों में 53.82 प्रतिशत की गिरावट, छेड़छाड़/यौन उत्पीड़न के मामलों में लगभग 35 प्रतिशत संगठित डकैती मामलों में 38.17 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में 31.97 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई। प्रवक्ता ने बताया कि संगठित अपराध और आपराधिक नेटवर्क पर बड़े प्रहार के तहत, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) हरियाणा ने अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय से वर्ष 2023 से अब तक बड़ी संख्या में वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों, गैंग सदस्यों और जघन्य अपराधों में शामिल अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
ट्रिपल मर्डर केस में शामिल अपराधी दीपक उर्फ फुर्तिला मुठभेड़ के दौरान मारा गया
एसटीएफ हरियाणा ने वर्ष 2023 से अब तक 433 मोस्ट वांटेड (इनामी बदमाश), 248 गैंगस्टर और गैंग सदस्य व 792 जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को गिरफ्त्तार किया है। एसटीएफ हरियाणा द्वारा मुरथल सोनीपत में सुंदर मर्डर केस, हिसार में महिंद्रा शोरूम फायरिंग केस और हरियाणा भर में कई जघन्य अपराधों में शामिल अपराधी आशीष उर्फ लाल्लू, सन्नी खरड़ व विक्की रिढाना मुठभेड़ के दौरान मारे गए। रोहतक में शराब ठेके पर ट्रिपल मर्डर केस में शामिल अपराधी दीपक उर्फ फुर्तिला मुठभेड़ के दौरान मारा गया।
बीएसपी नेता हरबिलास की हत्या में शामिल अपराधी सागर मुठभेड़ के दौरान मारा गया
नारायणगढ़, अंबाला में बीएसपी नेता हरबिलास की हत्या में शामिल अपराधी सागर मुठभेड़ के दौरान मारा गया। यमुनानगर के खेड़ी लखा सिंह में ट्रिपल मर्डर केस, शाहाबाद में शांतनु मर्डर केस और अन्य जघन्य अपराधों में शामिल अपराधी रोमिल वोहरा मुठभेड़ के दौरान मारा गया। इन हाई-प्रोफाइल मामलों और अन्य जघन्य अपराधों में कुल 33 अपराधियों को एसटीएफ हरियाणा द्वारा मुठभेड़ के दौरान घायल होने के बाद गिरμतार किया गया। एसटीएफ हरियाणा ने वर्ष 2024-2025 तक मुठभेङ के संबंध में कुल 22 मामले दर्ज किए हैं। एसटीएफ ने विदेशों में सक्रिय कुख्यात अपराधियों के विरुद्ध भी मजबुती से मोर्चा संभाला है।