हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार 'लखपति दीदी' योजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाया जाए। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत विशेष शिविर आयोजित कर महिला लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण की सुविधा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
सरकार जनता से किए गए वादों के प्रति पूरी तरह गंभीर
मुख्यमंत्री आज यहां संकल्प पत्र की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी उपस्थित रहे। आज की बैठक में चार विभागों- विकास एवं पंचायत, ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभागों के संकल्पों की समीक्षा की गई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पिछली बैठक में 9 विभागों की समीक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों के प्रति पूरी तरह गंभीर है और सभी संकल्प समयबद्ध तरीके से लागू किए जाएं ताकि जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।
राज्य में 1 लाख 6 हजार से अधिक महिलाएं लखपति-दीदी बन चुकी
बैठक में बताया गया कि अब तक लखपति दीदी योजना के तहत राज्य में 1 लाख 6 हजार से अधिक महिलाएं लखपति-दीदी बन चुकी हैं। चालू वित्त वर्ष में 25 हजार से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लक्ष्यों की पूर्ति तय समयावधि में सुनिश्चित की जाए। बैठक में हर घर-हर गृहिणी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में विशेष कैंप लगाकर पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाए। कैंप में ही बैंक खाता लिंक कराने की व्यवस्था हो ताकि सभी पात्र अंत्योदय परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि अब तक लगभग 18 लाख परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं।
सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में अपग्रेड किया जाए
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि हरियाणा में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार की हर जिले में महिला छात्रावास स्थापित करने की योजना है। पहले चरण में चार जिलों- पंचकूला, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में महिला छात्रावास का निर्माण प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन महिला छात्रावासों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए और इन भवनों में वातानुकूलित सुविधा भी प्रदान की जाए। साथ ही, अगले चरण में मानेसर व पानीपत जैसे इंडस्ट्रीयल एरिया को प्राथमिकता देते हुए वहां महिला छात्रावास स्थापित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने सक्षम आंगनबाड़ी योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2025-26 में 2000 आंगनबाड़ियों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में अपग्रेड किया जाए और इनमें सभी आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।
गांव स्तर पर खेलों की पहचान की जाए
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभिन्न अनुसूचित जातियों के लिए बनाए जाने वाले सामुदायिक भवनों को लेकर निर्देश दिए कि इन भवनों को सौर ऊर्जा और वातानुकूलन जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाए। इसके लिए एक समान डिजाइन तैयार किया जाए जिससे सभी स्थानों पर एक जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके अतिरिक्त, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गांव स्तर पर खेलों की पहचान की जाए और खिलाड़ियों को आवश्यक खेल सामग्री प्रदान की जाए, ताकि जमीनी स्तर पर ही प्रतिभाओं को निखारा जा सके।
ये रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव डी सुरेश, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक डी के बेहरा, निदेशक ग्रामीण विकास राहुल नरवाल, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन)मती वर्षा खंगवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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