loader
The Haryana Story | डेंगू की दस्तक : पानीपत जिला में डेंगू के पांच केस पॉजिटिव, दो को मलेरिया तो एक को मिला चिकनगुनिया

डेंगू की दस्तक : पानीपत जिला में डेंगू के पांच केस पॉजिटिव, दो को मलेरिया तो एक को मिला चिकनगुनिया

बरसाती मौसम में मच्छरों ने लोगों का जीना किया हराम, डेंगू, सिविल सर्जन बोले - चिकनगुनिया व मलेरिया से बचाव को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को किया जा रहा है जागरूक

पिछले कई दिनों से पानीपत जिला में बारिश चल रही है जिससे कई जगह बरसाती पानी का जलभराव है। वही दो दिन पहले हुई बारिश से गलियों व सड़कों पर जलभराव हो गया था जिससे नालियों व नालों का गंदा पानी गलियों व सड़कों पर आ गया था। कई घंटे के बाद पानी तो उतर गया लेकिन गलियों में सड़कों पर गंदगी होने से मच्छर पनपने शुरू हो गए हैं। कई स्थानों पर तो मच्छरों की अधिकता इतनी है कि लोग रात भर चैन से सो नहीं पाते। लोगों ने अपने घरों में हर कमरे में बिजली से चलने वाले उपकरण लगा रखे जिनमें मच्छरों से बचाव को लेकर लिक्विड होता है तो काफी लोग मच्छरों से बचाव के लिए बाजार में उपलब्ध अगरबत्ती का धुंआ करके अपना बचाव करते हैं।

मच्छरों से पशुओं का भी बुरा हाल

ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों से पशुओं का भी बुरा हाल है पशुपालकों द्वारा पशुओं के लिए मच्छरदानी लगाई गई है। लगातार घरों के आसपास गंदगी पड़ी रहने वह पानी खड़ा रहने से मच्छर पनपते है। जिससे मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारी होने का भय बना रहता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसको लेकर कार्य किया जा रहा है जिसमें स्वास्थ्य विभाग नगर निगम व पंचायत विभाग के साथ मिलकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं तो वही मलेरिया विभाग की टीम द्वारा घरों में निरीक्षण किया जाता है की वॉटर टैंक, होदी, कुलर , गमले आदि में पानी खड़ा ना रहे और उनमें किसी तरह का लारवा ना हो।

फागिंग तो करवाई गई है लेकिन ठीक ढंग से नहीं की गई

वहीं इस बारे में शहर वासी प्रवीण, सुरेश, सुभाष, गौरव व सुनील ने बताया कि इन दिनों मच्छरों ने जीना हराम कर रखा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा फागिंग तो करवाई गई है लेकिन ठीक ढंग से नहीं की गई है, जगह-जगह पानी का ठहराव है नालियां जाम है, गदंगी फैली होती है। खाली प्लाटों में पानी व गंदगी भरी होने से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि इस समय वायरल बुखार शुरू हो चुका है लेकिन मच्छरों से बचाव को लेकर लगातार लोगों में जागरूकता फैलाई जाए तो बीमारियों से बचा जा सकता है। 

मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव को लेकर बनाई गई टीम कर रही जागरूक

इसको लेकर हेल्थ इंस्पेक्टर जसमेर ने बताया कि विभाग द्वारा मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव को लेकर पूरी टीम बनाई गई है जो पानीपत क्षेत्र में अपना काम कर रहे हैं जिनमें 7 एमपीएचडब्ल्यू के साथ 40 ब्रीडिंग चेकर की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में मलेरिया डेंगू या चिकनगुनिया पॉजिटिव केस मिलता है उसके आसपास के घरों कब विशेष तौर पर चेक किया जाता है। लारवा मिलने पर दवाई डालकर उसको खत्म किया जाता है। 

लोगों को हिदायत दी गई कि वह करो में लारवा पैदा न होने दे और साफ सफाई रखें

वही गांवों में मछली पालन तालाब बने हुए हैं जिनमें लारवा खत्म करने के लिए गम्बूजिया फिश डाली जाती है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पानीपत जिला में इस समय पांच कैसे डेंगू के एक केस चिकनगुनिया व दो कैसे मलेरिया के है जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा 1 जनवरी से 31 जुलाई तक लारवा चेक किया गया जिसमें 10 लाख 94 हजार 895 घरों में लारवा चेक किया गया। जिनके अंदर रखें कुलर, होदी, वॉटर टैंक घरों की छत, फ्रिज की ट्रे, टायर व कंटेनर आदि को चेक किया गया था। जिनमें जहां भी लारवा मिला। वहां सफाई करवाई गई और दवाई डाली गई। साथ ही लोगों को हिदायत दी गई कि वह करो में लारवा पैदा न होने दे और साफ सफाई रखें। 

मच्छरों से बचाव के लिए शरीर को ढक कर रखना चाहिए

वहीं इस बारे में सिविल सर्जन डॉ विजय मलिक ने कहा की सभी लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए शरीर को ढक कर रखना चाहिए। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए और साथ ही अपने आसपास गंदगी इकट्ठा न होने दे और न हीं पानी खड़ा रहने दे, उन्होंने कहा कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों लगातार जागरूक किया जा रहा है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×