loader
The Haryana Story | अस्पताल संचालकों व नगर परिषद अधिकारियों के बीच तीखी नोक-झोंक, अवैध रूप से कब्ज़ाई भूमि पर कब्ज़ा नहीं ले पाए अधिकारी

अस्पताल संचालकों व नगर परिषद अधिकारियों के बीच तीखी नोक-झोंक, अवैध रूप से कब्ज़ाई भूमि पर कब्ज़ा नहीं ले पाए अधिकारी

अस्पताल प्रबंधकों द्वारा हाई कोर्ट से स्टे ऑर्डर मिलने के मौखिक आश्वासन पर नपा अधिकारी बैरंग लौटे

पानीपत जिले के समालखा में एसडीएम कोर्ट से केस जीतने के बाद पुलिस फोर्स व ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के फ्रंट में मौके पर अपनी भूमि पर कब्ज़ा लेने पहुंचे नगर परिषद सचिव मनीश शर्मा की अगुवाई में पहुंची टीम बैरंग वापिस लौट गई । करीब दो घंटे तक नगर परिषद अधिकारियों व अस्पताल संचालकों के बीच तीखी नोक झोंक व जमकर बहसबाजी हुई। वहीं डी सी द्वारा नियुक्त ड्यूटी मेजिस्ट्रेट एवं समालखा सबडिवीजन के एस डी ओ शिव कुमार व पुलिस फोर्स भी मौजूद रही। सुपर स्पेशलिटी हस्पताल संचालकों ने नगर परिषद अधिकारियों की टीम को बताया कि उन्होंने हाई कोर्ट से स्टे ऑर्डर प्राप्त कर लिए हैं इस दौरान अधिकारियों द्वारा स्टे ऑर्डर की प्रति मांगी तो मौके पर उपलब्ध नहीं करा पाए जिन्हें जल्द उपलब्ध कराने की बात कही।
 
काफी देर तक चली तीखी नोक झोंक व गहमागहमी के बाद अस्पताल प्रबंधकों ने अपने लेटर हैड पर इस बारे नगर परिषद अधिकारियों को लिखित आश्वासन दिया गया और भूमि पर कब्ज़ा लेने आए अधिकारी वापिस लौट गए। गौरतलब है कि आरटीआई एक्टिविस्ट पी पी कपूर ने आरोप लगाया था कि जी टी रोड़ पर बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल संचालकों ने फ्रंट में स्थित पालिका की मलकियती भूमि से अपना रास्ता बना लिया है जिसको लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने इस बारे तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत भेजकर पालिका भूमि से अवैध कब्ज़ा छुड़वाने व कारवाई की मांग कर रखी है।
 
कपूर की शिकायत पर जाँच अधिकारी एवं जिला नगर आयुक्त डा.पंकज यादव ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया तो नगर परिषद ने अस्पताल के स्वीकृत नक्शे को अनियमितताओं के आरोप लगा कर रिजेक्ट कर दिया। नगर पालिका ने एसडीएम कोर्ट में पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट -1977 के तहत अस्पताल प्रबंधकों के विरुद्ध केस दायर किया। इस केस में एसडीएम ने गत 1 अगस्त को अस्पताल संचालकों के विरुद्ध आदेश जारी कर अवैध रूप से कब्ज़ाई गई पालिका भूमि को तत्काल कब्ज़ा मुक्त करने के आदेश जारी किए। इन्हीं आदेशों में एसडीएम ने नगर परिषद अधिकारियों को पुलिस फोर्स की सहायता से अवैध कब्ज़ा छुड़वाकर तार बंदी करने व नगर परिषद की भूमि होने का सूचना बोर्ड मौके पर लगाने के आदेश भी दिए। इसी आदेश की पालना करवाने आज नगर परिषद सचिव मनीष शर्मा अपनी टीम, ड्यूटी मेजिस्ट्रेट व पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे लेकिन तीखी नोक झोंक होने,आरोप प्रत्यारोप लगने पर व हाई कोर्ट से स्टे ऑर्डर का मौखिक आश्वासन मिलने पर बैरंग वापिस लौट गए।
 
शिकायत कर्ता पीपी कपूर ने बताया कि हस्पताल संचालकों समालखा कोर्ट से कोई स्टे ऑर्डर नहीं मिला, ज्यूडिशियल मेजिस्ट्रेट समालखा की कोर्ट ने गत 26 अगस्त को हस्पताल संचालकों द्वारा स्टे ऑर्डर लेने की याचिका डिसमिस कर दी थी। एसडीएम कोर्ट से भी केस हार चुके हैं नगर परिषद भी हस्पताल के स्वीकृत बिल्डिंग नक्शे को रद्द कर चुकी हैं। वहीं इस संबंध में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डायरेक्टर धीरेंद्र उर्फ सोनू सैनी ने बताया कि हाई कोर्ट से स्टे आर्डर लिया हुआ है जिसकी कॉपी नगर परिषद को उपलब्ध कराई जाएगी।
Join The Conversation Opens in a new tab
×