पानीपत शुगर मिल ने इस बार पिराई सत्र 2025-26 में 66 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया है। जबकि पिछले सीजन में पानीपत शुगर मिल द्वारा 62 लाख 10 हजार क्विंटल गन्ने की पिराई की गई थी। पानीपत शुगर मिल में लगी 28 मेगावाट की टरबाइन द्वारा बनाई गई बिजली में से 4 करोड़, 31 लाख 9800 यूनिट बिजली एचवीपीएन के नौल्था पॉवर हाउस को एक्सपोर्ट की गई थी और शुगर मिल ने बिजली निगम को 27 करोड़ 31 लाख रूपये की बिजली बेची गई थी। लेकिन पानीपत शुगर मिल द्वारा इस पिराई सत्र में 30 करोड़ की बिजली बेचने का लक्ष्य रखा है।
पिछले पिराई सत्र में टॉप पर रहा था
यह जानकारी शुगर मिल के एमडी संदीप कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में दी। उन्होंने बताया कि पानीपत जिला में इस बार गन्ने का करीब तीन हजार एकड़ रकबा बढ़ा है। पिछले वर्ष पानीपत जिले में 28918 एकड़ में गन्ना था, लेकिन इस बार 31931 एकड़ में गन्ना है। रकबा बढऩे पर पिराई का लक्ष्य भी बढ़ाकर 66 लाख क्विंटल रखा है।
उन्होंने कहा कि पानीपत शुगर मिल जिस तरह से पिछले पिराई सत्र में प्रदेश के सहकारी क्षेत्र के 10 व हैफेड के एक मिल सहित 11 शुगर मिलों में गन्ने की पिराई में टॉप पर रहा था और प्रदेश के चार सहकारी शुगर मिलों में लगी टरबाइनों से बनी बिजली को बेचने में भी प्रथम रहा था, इसलिये इस बार भी हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि पानीपत शुगर मिल गन्ने की पिराई व बिजली बेचने में टॉप पर रहे। एमडी संदीप कुमार ने शुगर मिल में चल रहे मेटनेंस के कार्य का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया और कहा कि दो माह के अंदर मेटनेंस का कार्य पूरा जाएगा।
पिराई सत्र 2024-25 में 20 करोड़ 23 लाख की बेची गई थी
बिजली बता दें कि पानीपत शुगर मिल द्वारा पिछले पिराई सत्र 2024-25 में 27 करोड़ 31 लाख की बिजली, पेराई सत्र 2023-24 में 26 करोड 86 लाख और पेराई सत्र 2022-23 में 20 करोड 23 लाख की बिजली हरियाणा विधुत प्रसारण निगम को बेची गई थी।