हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का हर बच्चा व हर महिला पूरी तरह स्वस्थ और सशक्त बने। ‘कृमि मुक्त हरियाणा - स्वस्थ हरियाणा’ का सपना तभी साकार होगा जब समाज की मूल शक्ति यानी महिलाएं और बच्चे पूर्णत: स्वस्थ होंगे। उन्होंने आज मॉप-अप दिवस पर कहा कि बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं को कृमि संक्रमण से मुक्त करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
कृमि संक्रमण बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य तथा पोषण स्तर पर डालता है गंभीर असर
इसी कड़ी में प्रदेशभर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य तथा पोषण स्तर पर गंभीर असर डालता है। इसके कारण खून की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, पेट दर्द व कमजोरी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसीलिए सरकार ने 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोरों तथा 20 से 24 वर्ष की उन प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं (जो न तो गर्भवती हैं और न ही धात्री) को कृमि नियंत्रण की दवाई एल्बेंडाजॉल नि:शुल्क उपलब्ध करवाई है।
बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक पूंजी
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि यह दवाई गत 26 अगस्त, 2025 को राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को दी गई। जो लाभार्थी किसी कारणवश उस दिन दवाई लेने से वंचित रह गए, उन्हें आज मॉप-अप दिवस पर 2 सितंबर, 2025 को यह दवाई खिलाई गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक पूंजी है। इसी सोच के साथ प्रदेशभर के शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर इस अभियान को व्यापक सफलता दिलाई। सभी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी बच्चा या महिला कृमि मुक्ति अभियान में पीछे न रह जाए।