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The Haryana Story | सुनील कपूर आत्महत्या मामले में पुलिस का खुलासा, पुलिस पकड़ से बचने के लिए बदल रखा था हुलिया, जींद में दो मामले थे दर्ज

सुनील कपूर आत्महत्या मामले में पुलिस का खुलासा, पुलिस पकड़ से बचने के लिए बदल रखा था हुलिया, जींद में दो मामले थे दर्ज

रिद्वार और जींद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए चलाया था सर्च अभियान, पुलिस ने सुनील कपूर को काफी समझाया था, सुसाइड न करने के लिए

पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि सुनील कपूर को आत्महत्या करने से पहले सरेंडर करने के लिए कहा था लेकिन सुनील कपूर ने पुलिस की बात को अनसुना किया। बाकायदा सुनील कपूर ने पुलिस से बचने के लिए अपना हूलिया बदल दाढ़ी व मूछ को बढा लिया था। मृतक सुनील कपूर पर जींद पुलिस के अंदर दो मामले दर्ज थे, जिनमें मुकद्दमा नंबर 370 और 484 आईटी एक्ट। दोनों ही मामलों पर पुलिस के द्वारा कारवाई की जा रही थी। जींद एसपी कुलदीप सिंह मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

सुनील कपूर पिछले कुछ महीनो से अंडरग्राउंड था

एसपी ने बताया कि सुनील कपूर पिछले कुछ महीनो से अंडरग्राउंड था। सूचना मिली थी कि सुनील कपूर हरिद्वार में है। लोकेशन के आधार पर जींद पुलिस की टीमें हरिद्वार के अंदर अलग-अलग जगहों पर सर्च अभियान चलाए हुए थी। हरिद्वार के बस स्टेंड के पास सुनील कपूर को पकडऩे की कोशिश की गई लेकिन सुनील कपूर ने एसआई सुरेंद्र के ऊपर फायर कर दिया। जिसमें सुरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसको उपचार के लिए एम्स में भर्ती करवाया गया। इस दौरान सुनील कपूर भागने में कामयाब रहा। 

देहरादून पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपा

एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि दोबारा फिर हमें सूचना मिली कि सुनील कपूर देहरादून में अपने किसी करीबी के पास है। उसके बाद जींद पुलिस और हरिद्वार पुलिस ने देहरादून के लक्ष्मण चौक पर आसपास के एरिये में सर्च अभियान चलाया। जिस मकान में सुनील था वहां सुनील कपूर को भी सुसाइड न करने की बात कही गई थी।

सुनील कपूर के शव का सोमवार को पोस्टर्माटम करा परिजनों को सौंप दिया था। मंगलवार को स्वर्ग आश्रम में उसका दाह संस्कार हुआ। मृतक के भाई संजय ने कुछ पुलिस अधिकारियों व कर्मियों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

एक नज़र मामले पर

गौरतलब है कि बाजरान मौहल्ला निवासी सुनील कपूर (35) की जिला पुलिस को पिछले दस माह से तलाश थी। गत 13 सितंबर शाम को सीआईए स्टाफ जीद ने सुनील कपूर को हरिद्वार बस अड्डे के सामने काबू करने की कोशिश की। जिस पर सुनील कपूर ने अपने पास मौजूद असलहा से फायर कर दिया। गोली लगने से सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र घायल हो गया। जिस पर हरिद्वार पुलिस ले सुनील कपूर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 14 सितंबर को उत्तराखंड तथा हरियाणा एसटीएफ ने धर पकड़ के लिए ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया।

देहरादून में संयुक्त पुलिस बल ने सुनील कपूर को घेर लिया। जिस पर सुनील कपूर ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने पर मृतक के परिजन देहरादून नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। जहां सोमवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के अधिवक्ता भाई संजय कपूर ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों के कारण उसके भाई की जान गई है। जिस मामले मे उसके भाई को फंसाया जा रहा था। उसमें उसके भाई के खिलाफ कोई सबूत नहीं था।

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