भारत समेत दुनिया भर में सबसे ज़्यादा मौतें हार्ट फेलियर या हार्ट अटैक से होती हैं। ऐसा माना जाता है कि अटैक से कुछ समय पहले ही इसके संकेत मिलना शुरू हो जाते हैं, लेकिन लोग इन लक्षणों को आम समझ कर इन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं जिसकी वजह से उनकी जान पे बन आती है। आइए जानते हैं कि कौन से हैं वो लक्षण जिनपर आपको हमेशा गौर करते रहना चाहिए। वहीं हरियाणा की बात करें तो प्रदेश में हर 10-12 वीं मौत हार्ट अटैक से हो रही है।
मरने वालों में युवाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा
हरियाणा में अगस्त 2023 तक के आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विधानसभा में बताया था कि 1 जनवरी से 31 जुलाई, 2023 तक प्रदेश में हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर से कुल 7,026 लोगों की मौत हुई थी, जिससे प्रति दिन औसतन 33 मौतें दर्ज की गई थीं। राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा करीब 40-45 फीसदी तक पहुंच गया है। यदि पूरे विश्व की बात की जाए तो एक साल में इस बीमारी से एक करोड़ 73 लाख लोगों की मौत हो रही है। मरने वालों में युवाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिम करते, डांस करते, लेक्चर देते, बैठे-बैठे या खाना खाते अचानक होने वाली मौतों का आंकड़ा डराने वाला है।
महिलाओं व बच्चों को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया
इस बीमारी ने अब महिलाओं व बच्चों को भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। चिकित्सकों का मानना है कि जल्द ही इस बीमारी पर अंकुश लगाने के प्रयास नहीं किए गए तो 2030 तक यह बीमारी 70 फीसदी मौतों का कारण बन सकती है। आज 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे है। पूरे विश्व में इसे अपने-अपने तरीके से मनाया जाता है। इंसानी शरीर में हार्ट एक उस इंजन की तरह काम करता है जो आपके पैदा होने से मरने तक हर पल खून पंप करके आपको जिंदा रखता है।
चिकित्सकों के लिए यह गंभीर मुद्दा बन गया
आज पूरी दुनिया वर्ल्ड हार्ट डे मन रही है और अपने-अपने स्तर पर विभिन्न अभियानों के जरिये जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये जा रहे है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (डब्ल्यूएचओ) रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हो चुका है कि 20 से 40 वर्ष की उम्र के लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो रही है। इतना ही नहीं बच्चे और किशोर भी हार्ट अटैक की वजह से अपनी जान गंवा रहे है। रिपोर्ट में एक चौकाने वाली बात भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के पैदा होते ही उसे हृदय से संबंधित बीमारी हो सकती है। महिलाओं को पहले यह बीमारी नहीं होती थी, लेकिन अब उन्हें भी यह बीमारी होने लगी है। चिकित्सकों के लिए यह गंभीर मुद्दा बन गया है।
हृदय रोग के लक्षण
पैदल चलते वक्त सांस फूल जाना, छाती में भारी दर्द होना, दांई ओर, गले के पास, पेट के ऊपरी भाग और कभी कभी कम में तेज दर्द होना, धड़कन बढ़ जाना, शरीर पसीना-पसीना होना, कंपन होना और उल्टी आना हृदय रोग के प्रारंभिक लक्षण है।
जागरूकता ही बचाव
लोगों में जागरूकता ही इन बीमारियों से बचा सकती है। चिकित्सकों के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले सेमिनार और खुले मंच पर हुई बहस में यही परिणाम निकला है। दिन में केवल दो घंटे व्यायाम करने और खान-पान में बदलाव कर इन बीमारियों से बच सकते हैं।
पहले हार्ट अटैक से 30 प्रतिशत मौत हृदय रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन अचानक आने वाले हार्ट अटैक से 40 फीसदी मौतें हो रही हैं। इस अटैक के बाद यदि कोई आदमी बच भी जाता है तो बिस्तर से उठने लायक नहीं रहता। दवाओं से उनकी हालत में सुधार तो हो जाता है, लेकिन उसे दोबारा हार्ट अटैक होने का खतरा बना ही रहता है।
ब्लड ग्रुप पर भी असर
चिकित्सकों द्वारा किए गए शोध में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि हार्ट अटैक ब्लड ग्रुप को भी प्रभावित करता है। एक शोध के मुताबिक ब्लड ग्रुप ए के पांच फीसदी, ग्रुप बी के 11 फीसदी और ग्रुप एबी के 23 फीसदी लोगों को हार्ट अटैक का खतरा अधिक रहता है।****
दिल है छोटा सा... छोटी सी आशा : रखें ख्याल
दिल की अच्छी सेहत के लिए आपको हमेशा आपको सेहतमंद खानपान और व्यायाम पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा आपकी नज़र अपनी सेहत पे भी बनी रहनी चाहिए। तकनीकी रूप से हार्ट अटैक तब आता है जब हार्ट का कोई हिस्सा ब्लॉक हो जाता है एवं हार्ट को ऑक्सीजनयुक्त रक्त नहीं मिल पाता। ऐसे में तुरंत इलाज न मिलने पर मरीज़ की मृत्यु भी हो सकती है।
थकान
हमारे दिल की सेहत में हुए बदलाव को जिस लक्षण के रूप में पहचाना जा सकता है वह है थकान। थकान से यहाँ अभिप्राय है कि बिना श्रम करे अथवा मामूली कार्य करने में भी यदि अक्सर थकान महसूस करते हैं तो यह एक चिंता का कारण हो सकता है। यदि अपने पर्याप्त मात्रा में भोजन किया हो तथा नींद भी भरपूर ली हो तब भी यदि आपको थकान महसूस हो तो यह सामान्य बात नहीं है।
नींद उचटना
दूसरा लक्षण है बेवजह नींद उचटना। यदि बार-बार आप नींद से जाग जाते हैं तो यह आपके अवचेतन का आपको जताने का एक तरीका है कि आपके शरीर के साथ कुछ ठीक नहीं है। ऐसे में बार-बार आपको लग सकता है कि आपको बाथरूम जाना है अथवा आपको बार-बार प्यास लगने के कारण उठना पड़ता है।
हांफ भर आना
अन्य लक्षण जो कि हार्ट की किसी समस्या को इंगित करता है वह है हांफ भर आना। जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती उस परिस्थिति में ऐसा होता है। इसके अलावा अक्सर आपको गहरी सांस लेने की भी आवश्यकता महसूस होती है। सामान्य भोजन करने के पश्चात् भी यदि आपको अपच की शिकायत रहती है तो यह भी आपके दिल की सेहत से जुड़ा मामला हो सकता है।
बिना समय गंवाए अपने दिल की जाँच कराएं
यदि आप इन लक्षणों को महसूस कर रहे हैं तो आज ही आपको सजग हो जाना चाहिए। हमारी सेहत का ख्याल रखना हमारा परम कर्तव्य है। बिना समय गंवाए अपने दिल की जाँच कराएं और आवश्यक उपचार करें।