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The Haryana Story | 15 करोड़ की लागत से 500 नवीनीकृत आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण तथा 9 करोड़ की लागत से बने 64 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्घाटन

15 करोड़ की लागत से 500 नवीनीकृत आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण तथा 9 करोड़ की लागत से बने 64 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्घाटन

कुरुक्षेत्र में पोषण माह की 8वीं वर्षगांठ के अवसर पर सीएम बोले - सरकार बच्चों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंगनबाड़ी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करते हुए 15 करोड़ की लागत से 500 नवीनीकृत आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण तथा 9 करोड़ की लागत से बने 64 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों और महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र में पोषण माह की 8वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पोषण कैलेंडर का भी अनावरण किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं पर आधारित लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया

मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल पर पोषण माह, स्वस्थ नारी - सशक्त परिवार व महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर आधारित लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने दुर्गाष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि आज दुर्गा अष्टमी के अवसर पर महिलाओं के लिए धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर पोषण माह की 8वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय समारोह के आयोजन का अत्यंत महत्व है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पूरे देश में पोषण माह का आयोजन वर्ष 2018 से किया जा रहा है। परिवार के प्रति समर्पण भाव में महिलाएं इतना व्यस्त हो जाती हैं कि वे अपनी सेहत का ख्याल नहीं रख पातीं। इसी समर्पण भाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महसूस किया कि महिलाओं की सेहत और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की भी है।

कुपोषण से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

उन्होंने 8 मार्च, 2018 को राजस्थान के झुंझुनू जिले से देशव्यापी पोषण अभियान की शुरूआत की थी। इस अभियान के 8 साल हो गए हैं। यह पोषण माह महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा और बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस पोषण अभियान का उद्देश्य 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि इस साल पोषण माह की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गत 17 सितंबर को उनके 75वें जन्मदिन पर मध्य प्रदेश से की गई थी। उसी दिन उन्होंने राष्ट्रव्यापी ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ अभियान का शुभारंभ भी किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक जनांदोलन बन चुका है। 

8वें पोषण माह का थीम व्यापक

गांव-गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने, स्वयंसेवी संस्थाओं ने, पंचायतों और युवाओं ने मिलकर इस मिशन को आगे बढ़ाया है। इस मिशन को एक दिन अथवा एक माह तक ही नहीं, बल्कि पूरे साल चलाए रखना है। इसीलिए आज, पोषण कैलेंडर भी लांच किया गया है। उन्होंने कहा कि 8वें पोषण माह का थीम व्यापक है। इसमें ‘मोटापे पर नियंत्रण, नन्हें बच्चों की देखभाल, एक पेड़ मां के नाम, बच्चों और महिलाओं की देखभाल में पुरुष सहभागिता और स्थानीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना’ शामिल है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास केवल पोषण की जानकारी देना भर नहीं है, हम चाहते हैं कि लोगों को जागरूक कर जीवनशैली में स्थायी बदलाव लाया जाए।

इसी उद्देश्य से राज्य में 4 हजार प्ले-वे स्कूल खोले गए

उन्होंने कहा कि पोषण माह केवल विभागीय योजना नहीं, बल्कि शिक्षा, कृषि, पंचायत, महिला एवं बाल विकास और ग्राम विकास विभागों के संयुक्त प्रयास से एक बहुआयामी आंदोलन है। इसके तहत समेकित बाल विकास सेवा योजना के अंतर्गत 6 साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर, मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक विकास की देखरेख की जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में 4 हजार प्ले-वे स्कूल खोले गए हैं। इनमें 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस वित्त वर्ष के बजट में 2 हजार और प्ले-वे स्कूल खोलने की घोषणा की गई। ये स्कूल आंगनबाड़ केंद्रों में ही संचालित की जाएगी। 

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