गत दिवस गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के चलते इनसो नेताओं को हाउस अरेस्ट व हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए जेजेपी युवा अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देसवाल को पूरा दिन हाउस अरेस्ट और प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक को हिरासत में रखकर रोहतक जिला प्रशासन ने न केवल लोकतंत्र का गला घोंटा, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का हनन भी किया है। दिग्विजय ने सवाल उठाया कि आज हरियाणा में ऐसे हालात क्यों बन रहे हैं कि युवा छात्र नेताओं से प्रशासन और सरकार और उनके नेताओं को डर लग रहा है।
कक्षाएं बंद करवाना और लाइब्रेरी बंद करवाना भी दुर्भाग्यपूर्ण
दिग्विजय चौटाला ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि कॉलेजों में फीस वृद्धि, स्टाफ की कमी, हॉस्टलों की कमी और भर्तियों में भ्रष्टाचार के मामले उजागर करना अगर अपराध है तो इनसो नेता और आज का युवा इस सरकार के खिलाफ ऐसे अपराध निरंतर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे के चलते बहुत से संस्थानों की कक्षाएं बंद करवाना और लाइब्रेरी बंद करवाना भी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने युवा छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे संघर्ष की लड़ाई में खुद को अकेला ना महसूस करें और मायूस ना हों, जल्द ही एक मजबूत रणनीति बनाकर सरकार से इस कुकृत्य की जवाबदेही ली जाएगी।
सरकार का बस चले तो वह छात्र संगठनों को पूरी तरह ही बंद करवा देगी
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि इनसो के छात्र नेता हमेशा से छात्रों और शिक्षा से जुड़े अहम मुद्दे तथ्यों के साथ उठाते रहे हैं और कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सराहनीय काम करते रहे हैं, लेकिन उनकी जनहितकारी गतिविधियों पर इस तरीके से पाबंदी लगाना और उन्हें घर में हिरासत में रखना सरासर गलत है और ये दिखाता है कि प्रदेश सरकार और रोहतक जिला प्रशासन को ना ही तो छात्र हितों की परवाह है और ना ही उनका लोकतंत्र में विश्वास है। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि सरकार का बस चले तो वह छात्र संगठनों को पूरी तरह ही बंद करवा देगी, लेकिन युवा शक्ति ऐसा होने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि ने प्रदेश सरकार को आने वाले दिनों में इस बात का एहसास होगा कि इस तरह दमन करने से विरोध और मुखर होता है।