loader
The Haryana Story | म्हारी सड़क मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ : डिजिटल मैपिंग से सड़क की स्थिति पर होगी सीधी नजर

म्हारी सड़क मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ : डिजिटल मैपिंग से सड़क की स्थिति पर होगी सीधी नजर

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिक और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा

हरियाणा में ढांचागत विकास को नई गति देने के लिए पारदर्शिता व जनभागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज म्हारी सड़क मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिक और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सड़कें विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं और इस दिशा में हरियाणा सरकार दृढ़ संकल्पित है। पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिकों को सड़कों की स्थिति की जानकारी सीधे सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है।

गड्ढे, टूटी सड़क या जलभराव की समस्या की लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे

इस ऐप के माध्यम से नागरिक सड़कों पर गड्ढे, टूटी सड़क या सड़क पर जलभराव की समस्या की लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे। संबंधित विभाग को तत्काल सूचना मिलते ही सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से शिकायत की टाइम बाउंड मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा के आधारभूत ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है और पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनभागीदारी को अपनी प्राथमिकता बना रही है। उन्होंने कहा कि हमने एक नया हरियाणा बनाने का संकल्प लिया है, एक ऐसा हरियाणा जहां हर नागरिक को बेहतर जीवन मिले, जहां विकास की गति कभी न थमे और विकास की गति के लिए सबसे पहली जरूरत है अच्छी सड़कें। सड़कें किसी भी राज्य की जीवन रेखा होती हैं। ये न सिर्फ लोगों को जोड़ती हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति देती हैं। 

म्हारी सड़क ऐप में जी.आई.एस-आधारित तकनीक का उपयोग किया गया

उन्होंने कहा कि म्हारी सड़क ऐप में जी.आई.एस-आधारित तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे राज्य की सभी सड़कों का डिजिटल मानचित्रण संभव हुआ है। इससे नागरिकों को सड़कों की स्थिति की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत 21 सितम्बर को हिसार में 'प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना' का शुभारंभ किया था। यह परियोजना आने वाले वर्षों में 'विकसित भारत-विकसित हरियाणा' के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के तहत चालू वित्त वर्ष में 4,827 करोड़ रुपये की लागत से 9,410 किलोमीटर लंबी 4,227 सड़कों की मरम्मत एवं उत्थान का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि 'यदि देश को गति देनी है, तो सड़कों को मजबूती देनी होगी। सड़कें सिर्फ यात्रा का साधन नहीं होतीं, बल्कि यह अर्थव्यवस्था की धमनियां होती हैं।' 

पी.एम. गति शक्ति के माध्यम से आधारभूत परियोजनाओं को बेहतर बनाया जा रहा

इसी सोच के तहत, पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत ने सड़क अवसंरचना में अभूतपूर्व क्रांति देखी है। आज, देशभर में डिफेंस कॉरिडोर से लेकर फ्रेट कॉरिडोर तक, भारतमाला से सागरमाला तक, रोडवेज, रेलवेज और एयरवेज कनेक्टिविटी का जाल पूरे देश में मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। साथ ही, पी.एम. गति शक्ति के माध्यम से आधारभूत परियोजनाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28,651 करोड़ रुपये की लागत से 43,703 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधार किया है। इसके साथ ही, 2,534 करोड़ रुपये की लागत से 2,417 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण भी किया है। 

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत  2,432 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका

इनके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 1, 077 करोड़ रुपये की लागत से 2,432 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। हरियाणा में 21 नये राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए हैं। इनमें से 12 राजमार्ग बन चुके हैं। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28,582 करोड़ रुपये की लागत से 1,719 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। जबकि, 2014 से पहले की सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1,713 करोड़ रुपये की लागत से 451 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए। इतना ही नहीं, यातायात को सुगम बनाने के लिए 27 टोल टैक्स बैरियर हटाने का काम किया है।

Join The Conversation Opens in a new tab
×