पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा में भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूरे होने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में सरकार की नाकामियों की सूची इतनी लंबी है कि जश्न मनाने की बजाय उसे आत्ममंथन करना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा का किसान आज मंडियों में दर-दर भटकने को मजबूर है, क्योंकि सरकारी एजेंसियां धान की खरीद से नमी और काले दाने का बहाना बनाकर इनकार कर रही हैं।
न तो किसानों को एमएसपी दे पा रही है, न खाद, न समय पर मुआवजा
उन्होंने बताया कि किसानों की फसल एमएसपी से 400- 500 रुपस प्रति क्विंटल तक कम दाम पर बिक रही है, जिससे किसान आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने कहा, बीजेपी ने चुनावों के दौरान धान का भाव 3100 प्रति क्विंटल देने और सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदने का वादा किया था, लेकिन आज हकीकत इसके उलट है। सरकार न तो किसानों को एमएसपी दे पा रही है, न खाद, न समय पर मुआवजा। हुड्डा ने मंडियों के अपने दौरे का जिÞक्र करते हुए कहा कि मंडियों में अव्यवस्था, खुली लूट और भ्रष्टाचार चरम पर है।
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए
किसानों को गेट पास, जगह और भुगतान को लेकर भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल और इस साल की भारी बरसात से फसलों को हुए नुकसान का अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपराध तेजी से बढ़ रहा है और अपराधी बेलगाम हैं, जबकि जिस पुलिस बल पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही अपने आप को असहाय और निराश महसूस कर रहा है।
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