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The Haryana Story | सीएम सैनी ने आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए 100 करोड़ रुपये की पूंजी प्रतिबद्धता योगदान समझौते पर किये हस्ताक्षर

सीएम सैनी ने आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए 100 करोड़ रुपये की पूंजी प्रतिबद्धता योगदान समझौते पर किये हस्ताक्षर

यह फंड सेबी-पंजीकृत श्रेणी-क वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) वेंचर कैपिटल फंड (वीसीएफ) है, जिसका प्रबंधन एसवीसीएल द्वारा किया जाता है और जिसका लक्ष्य 250 करोड़ रुपये का कुल कोष है

हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी सिडबी वेंचर कैपिटल लिमिटेड (एसवीसीएल) के बीच आज आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए 100 करोड़ रुपये की पूंजी प्रतिबद्धता योगदान समझौते (सीए) पर हस्ताक्षर किए गए। यह फंड सेबी-पंजीकृत श्रेणी-क वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) वेंचर कैपिटल फंड (वीसीएफ) है, जिसका प्रबंधन एसवीसीएल द्वारा किया जाता है और जिसका लक्ष्य 250 करोड़ रुपये का कुल कोष है।

हरियाणा में स्टार्टअप्स को सशक्त एवं व्यापक सहयोग प्रदान किया जाएगा

सितंबर 2025 में स्टार्टअप्स और प्रमुख उद्योगपतियों के साथ हुई हालिया बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य सरकार की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि हरियाणा में स्टार्टअप्स को सशक्त एवं व्यापक सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा को नवाचार और उद्यमिता का वैश्विक केंद्र बनाना है, ताकि उद्यमिता के माध्यम से समृद्धि का नया अध्याय लिखा जा सके। इस प्रतिबद्धता के अनुरूप, हरियाणा सरकार की ओर से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल तथा सिडबी वेंचर कैपिटल लिमिटेड (एसवीसीएल) की ओर से अरूप कुमार, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने इस योगदान समझौते पर हस्ताक्षर किए। 

यह पहल राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप

यह पहल राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप है, जिसके तहत युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप स्थापित करने हेतु वित्तीय सहायता एवं बाजार संबंध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक समर्पित वेंचर कैपिटल फंड की स्थापना की जा रही है। यह फंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (अक), हेल्थ- टेक, एग्री-टेक, स्वच्छ ऊर्जा सहित विभिन्न उभरते क्षेत्रों में स्केलेबल और टिकाऊ स्टार्टअप्स में निवेश करेगा फंड का उद्देश्य बाजार तक पहुंच, व्यावसायिक विकास, तकनीकी नवाचार और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना है, ताकि हरियाणा में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और गतिशील स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया जा सके।

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