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The Haryana Story | हरियाणवी संस्कृति के महाकुम्भ रत्नावली का आगाज : 3500 कलाकार, 6 मंचों पर बिखेरेंगे हरियाणवी संस्कृति के लोक रंग

हरियाणवी संस्कृति के महाकुम्भ रत्नावली का आगाज : 3500 कलाकार, 6 मंचों पर बिखेरेंगे हरियाणवी संस्कृति के लोक रंग

मुख्यमंत्री नायब सिहं सैनी करेंगे उद्घाटन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में मंगलवार को चार दिवसीय हरियाणा दिवस राज्य स्तरीय रत्नावली समारोह का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। 28 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले हरियाणवी संस्कृति के महाकुंभ में प्रदेश भर के 3500 युवा कलाकार, 34 विधाओं में 6 मंचों पर हरियाणवी संस्कृति के लोक रंग बिखेरंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रदेश भर से आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए दुल्हन की तरह सजकर तैयार हो गया है।

कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दोपहर बाद रत्नावली समारोह की तैयारियों का जायजा लेकर सफल आयोजन के लिए अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश दिए। लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि समारोह में पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का हरियाणवी ढोल नगाड़ो, बीन, सपेरों की टीम जोरदार ढंग से स्वागत करेगी और कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अगुवाई में मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों को हरियाणा के मानस म्मान की प्रतीक पगड़ी सबसे पहले पहनाई जाएगी।

हरियाणवी भजन व दोपहर बाद ड्यूट रागनी की प्रस्तुति होगी

उसके बाद आत्मनिर्भर भारत व स्वावलंबी भारत पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया जाएगा। आज के कार्यक्रम रत्नावली का उद्घाटन समारोह ऑडिटोरियम हॉल में होगा। आडिटोरियम हाल में रिचुअल्स और पाप सांग हरियाणवी, दोपहर बाद हरियाणवी कोरियोग्राफी व हरियाणवी लूर नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आरके सदन में प्रात: कालीन सत्र में हरियाणवी भजन व दोपहर बाद ड्यूट रागनी की प्रस्तुति होगी। ओपन एयर थियेटर में प्रात: कालीन सत्र में सोलो डांस पुरुष व दोपहर बाद छात्रों की रागनी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। सीनेट हॉल में हरियाणवी भाषण प्रतियोगिता व हरियाणवी पगड़ी बांधो प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। खुला मंच पर दोपहर बाद विद्यार्थियों की सांग प्रतियोगिता का आयोजन होगा। क्रश हाल में लोक चित्रकला की कार्यशाला एवं प्रदर्शनी, बोहिया/इंडी/पीढ़ा/ बंदरवाल/फुलझड़ी तैयार करना प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। 

छात्रों को रत्नावली में मीडिया मैनेजमेंट और समाचार लेखन के गुर सिखाए जाएंगे

राज्य स्तरीय रत्नावली समारोह में 6 विभिन्न मंचों पर होने वाली 34 विधाओं की कवरेज व मीडिया प्रबंधन के लिए बनाई गई मीडिया मैनेजमेंट कमेटी के लिए लोक सम्पर्क विभाग व जनसंचार विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया को संयोजक बनाया गया है। इस कमेटी में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, उपनिदेशक डॉ. सलोनी दिवान, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, आईएमएसी एंड एमटी के डॉ. आबिद अली, डॉ. प्रदीप राय व डॉ. अभिनव कटारिया तथा यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल के डॉ. सुशील टाया को शामिल किया गया है। इसके साथ ही मीडिया संस्थान के छात्र भी इसमें सहयोग करेंगे। छात्रों को रत्नावली में मीडिया मैनेजमेंट और समाचार लेखन के गुर सिखाए जाएंगे। रत्नावली का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा में निखार लाना है चाहे वो कला का क्षेत्र या लेखन का।

प्रथम आने वाली टीम को 5100 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 28 से 31 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय रत्नावली समारोह में पहली बार हरियाणवी व्यंजनों को प्रतियोगिता के रूप में शामिल किया गया है। प्रतियोगिता में प्रथम आने वाली टीम को 5100 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। द्वितीय स्थान पर आने वाली टीम को 3100 रुपए, तीसरे स्थान पर आने वाली टीम को 1100 रुपए व पांच टीमों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 1100 रुपए का ईनाम व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। यह जानकारी देते हुए युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की उप-निदेशक डॉ. सलोनी पवन दिवान ने बताया कि युवा पीढ़ी को अपने परम्परागत व प्राचीन खान पान से रूबरू करवाने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने पहली बार हरियाणवी व्यंजन बनाने को प्रतियोगिता के रूप शामिल किया है। इसके लिए बकायदा से नियम व कायदे बनाए गए हैं।

हरियाणवी व्यंजनों का अपना जायका

प्रत्येक शिक्षण संस्थान से एक टीम भाग ले सकती है और टीम में पांच विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। प्रत्येक टीम पांच से दस हरियाणवी व्यंजन बना सकती है जिसमें खासतौर पर हरियाणवी खीर, हलवा, लापसी, गुलगुले, पूडे, सुहाली, शक्करपारे, सरसो का साग, बाजरे व मक्के की रोटी, लस्सी, रायता, चूरमा और घी कसार को शामिल किया गया है। सभी टीमों को यह निर्देश दिए गए हैं कि समारोह के पहले दिन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि हरियाणवी व्यंजनों का अपना जायका है और विश्वविद्यालय का शुरू से प्रयास है कि हरियाणवी संस्कृति व व्यंजनों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।

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