करनाल में एक घरेलू सहायिका से दुष्कर्म के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। अदालत ने आरोपी कारोबारी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार है, जबकि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बता दें कि दिल्ली में काम कर रही झारखंड निवासी महिला करीब एक माह पहले एजेंसी के माध्यम से करनाल आई थी। उसे यहां एक कारोबारी के घर घरेलू कार्य के लिए रखा गया था।
आरोपी ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया
महिला का आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद आरोपी ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। माफी मांगने के बाद उसने काम जारी रखा, लेकिन 14 अगस्त की दोपहर आरोपी ने उसे बहाने से कमरे में बुलाकर दरवाजा बंद कर लिया और जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता के मुताबिक, घटना के बाद जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे धमकाया कि यदि उसने किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा। साथ ही, चुप रहने के लिए 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने की बात भी कही। महिला ने डर के कारण कुछ दिन चुप्पी साधी, लेकिन 16 अगस्त को वहां से निकलकर पुलिस के पास पहुंची।
शुरुआती स्तर पर उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई
पीड़िता ने बताया कि शुरुआती स्तर पर उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 22 अगस्त को उसने महिला पुलिस चौकी मॉडल टाउन में लिखित शिकायत दी। जांच के बाद थाना सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी कारोबारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64 और 351 के तहत मामला दर्ज किया। सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि मामले के आरोप बेहद गंभीर हैं और आरोपी की आर्थिक एवं सामाजिक हैसियत जांच को प्रभावित कर सकती है।
कोर्ट का आदेश आने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी
अदालत ने यह मानते हुए 1 नवम्बर को अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट का आदेश आने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपी कारोबारी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। उसका कहना है कि उसे राजनीतिक कारणों और व्यक्तिगत रंजिश के चलते फंसाने की कोशिश की जा रही है।