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The Haryana Story | सावधान ! सड़कों पर सरेआम दौड़ रहे पराली से ओवरलोड 'मौत के दूत',  प्रशासन को नहीं परवाह

सावधान ! सड़कों पर सरेआम दौड़ रहे पराली से ओवरलोड 'मौत के दूत', प्रशासन को नहीं परवाह

पराली से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली दे रहे हादसों का न्यौता

सर्द मौसम में अब रात धुंध पड़ने भी संभावना भी रहती है। रात के वक्त अगर कोहरा गिरता है तो कोहरे के बीच सफर खतरे से खाली नही है। खतरा उन वाहनों से है जो नियमों और लोगों की जान की परवाह किए बगैर सडक़ों पर सरपट दौडते है। बिना रिफ्लेक्टर लगे ये भारी वाहन सडक़ों पर मौत का दूत बनकर दौड़ रहे है। खास तोर से ट्रैक्टर-ट्राली। धुंध के मौसम में सबसे ज्यादा हादसे ट्रैक्टर-ट्रालियों की वजह से होते है। धान की पराली से लोड ट्रैक्टर-ट्रालों का सड़क व यमुना पुल से गुजरते समय जाम लगने के कारण जहां एक और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी और हरियाणा से उत्तर प्रदेश ले जा रहे रहे पुराली के ओवरलोड ट्राली से सड़क हादसा होने की संभावना बनी रहती हैं।

पराली के ट्राले इतनी ऊंचाई व चौड़ाई में ओवरलोड भरे होते है कि आने जाने वाले अन्य दूसरे वाहनों को पराली से लोड ट्राले को पार करना तो दूर उसके बराबर से भी नही गुजर सकते है,और सामने से आने वाले वाहन चालकों को अपना वाहन सड़क से नीचे उतरना पड़ता हैं। वाहन चालक राजबीर का कहना हैं कि ये धान की पराली से लोड ट्राले चालक अपनी दादा गिरी दिखाकर सड़क के बीचों बीच चलते है और पूरी सड़क को घेर कर चलते हैं कि पूरी सडक़ पर अकेला ही आता हैं। कई बार तो सामने से आने वाले वाहन चालक को अपना वाहन सड़क के किनारे नीचे उतरते समय भारी नुकसान उठाना पड़ता हैं जैसे ही चालक अपने वाहन को सड़क से नीचे उतारने की कोशिश करता हैं तो सड़क के साइड में कच्चा होने से टायर में कील व जगह कम होने से गाड़ियों के काटे टायर में चुभ जाते हैं।

 जिससे धन व समय की बर्बादी होती हैं वही वाहन पलटने का खतरा सिर पर मंडराता रहता है और कई बार तो वाहन पलटने से हादसे भी घटित हो चुके है, लेकिन कि पुलिस प्रशासन का इस की और कोई ध्यान नहीं हैं। पुलिस प्रशासन इस प्रकार के मामले से अवगत तो हैं लेकिन इसका कोई समाधान नही कर रही हैं और न ही इनके ओवर लोड को रोकने की कोशिश करती हैं अगर इस प्रकार के वाहनों पर शिकंजा नहीं कसा गया तो सडक़ हादसा होने से भयंकर परिणाम भुगतने पड़ सकते है, कई बार तो धान की पराली से लोड ट्राली के रस्से ढीले होने से वो स्वयं ही रोड के बीचो बीच पलट जाती है और घंटों तक लंबा जाम लगा रहता है तथा अचानक ट्राली पलटने से हादसा घटित होने की आशंका भी रहती है लेकिन पुलिस प्रशासन व आरटीए विभाग मौन साधे हुए है उन्हें राहगीरों से कोई सरोकार नहीं है। 

सबक लेने को तैयार नही प्रशासन सड़कें सिकुड़ रही है और वाहनों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। ओवरलोडिड वाहनों के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति भी अक्सर बनी रहती है। अधिकांश ट्रालियों से रिफ्लैक्टर तक गायब है। ट्रालियों पर रिफ्लेक्टर ना होने के कारण कोहरे के सीजन में बड़े हादसे की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

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