भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 24 घंटे में 3 बार मुलाकात की। दोनों नेताओं ने साथ में प्राइवेट डिनर, द्विपक्षीय बातचीत, ज्वांइट प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंडिया-रूस बिजनेस फोरम की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच भी किसी बड़े डिफेंस डील का ऐलान नहीं किया गया। भारत-रूस के बीच 19 समझौतों पर मुहर लगी है। इनका मकसद भारत-रूस व्यापार बढ़ाना है। भारत-रूस के बीच शिप बिल्डिंग, भारतीय नाविकों को बर्फीले (पोलर) समुद्री इलाकों में जहाज चलाने की ट्रेनिंग, नई शिपिंग लेन पर निवेश, सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) पर समझौते और एमओयू साइन किए गए। पीएम मोदी ने रूस को सबसे करीबी सहयोगियों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच दोस्ती को ध्रुव तारे की तरह स्थिर और अटल है।
भारत के साथ हर क्षेत्र में रिश्ते और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं : पुतिन
वहीं, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि उनकी टीम सिर्फ तेल और गैस पर बात करने या सौदे करने के लिए भारत नहीं आई है। वे भारत के साथ हर क्षेत्र में रिश्ते और व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। पुतिन ने अगले साल मॉस्को में होने वाले भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए पीएम मोदी को न्योता भी दिया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया की स्किल्ड कैपिटल के रूप में उभर रहा है। हमारे युवा वैश्विक मांग को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। रूस के डेमोग्राफिक और आर्थिक प्राथमिकताओं को देखते हुए यह साझेदारी दोनों देशों के लिए बेहद फायदेमंद है। मोदी ने कहा कि जब भारतीय प्रतिभा को रूसी भाषा और सॉμट स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा तो हम मिलकर रसिया-रेडी वर्कफोर्स तैयार कर सकते हैं जो दोनों देशों की साझा समृद्धि को तेज करेगा।
पुतिन को तोहफे के तौर पर असम ब्लैक टी और मुर्शिदाबाद का सिल्वर टी सेट दिया
राष्ट्रपति भवन में स्टेट डिनर के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन एक-दूसरे के पास बैठे। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भाषण भी दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तोहफे के तौर पर असम ब्लैक टी और मुर्शिदाबाद का सिल्वर टी सेट दिया है। मुश्किल नक्काशियों वाला यह सिल्वर सेट पश्चिम बंगाल की कला और चाय की सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है। भारत और रूस दोनों में चाय स्नेह, संबंध और साझा कहानियों का प्रतीक है। यह सेट भारत-रूस मित्रता और चाय की परंपरा का उत्सव मनाने के लिए दिया गया। ब्रह्मपुत्र की उपजाऊ घाटियों में उगाई गई यह चाय अपने मजबूत मल्टी फ्लेवर, चमकदार रंग और पारंपरिक असमिका प्रोसेसिंग के लिए जानी जाती है। 2007 में जीआई टैग से सम्मानित यह चाय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संभावित स्वास्थ्य लाभ का प्रतीक है।
इस दौरे से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे
पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के विजिट का वीडियो ‘एक्स’ पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। रूस के फर्स्ट डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मेंटुरोव ने कहा कि पुतिन की भारत यात्रा दोनों देशों के लिए बेहद सकारात्मक रही। मेंटुरोव ने कहा कि हम भारतीय कंपनियों के साथ द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना चाहते हैं ताकि व्यापार संतुलित हो सके। भारत और रूस दोनों ही देशों में मिलकर औद्योगिक विकास हमारे सहयोग का बड़ा क्षेत्र है। उन्होंने भारतीय कंपनियों से कहा कि वे रूस में अपने उपयुक्त बिजनेस पार्टनर तलाशें। मेंटुरोव ने यह भी बताया कि अगले साल रूस में होने वाले एक्सहिबिशंस में वे भारतीय कंपनियों की भागीदारी की उम्मीद कर रहे हैं।
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