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The Haryana Story | फरीदाबाद में जैविक कचरे के आधुनिक डिस्पोज़ल की तैयारी, लगेंगी अत्याधुनिक ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग मशीनें

फरीदाबाद में जैविक कचरे के आधुनिक डिस्पोज़ल की तैयारी, लगेंगी अत्याधुनिक ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग मशीनें

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नगर निगम ने शहर में जैविक कचरे के आधुनिक व वैज्ञानिक निस्तारण की योजना को अंतिम रूप दे दिया

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नगर निगम ने शहर में जैविक कचरे के आधुनिक व वैज्ञानिक निस्तारण की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। योजना के पहले चरण के तहत सेक्टर-14, 18 और 11 में अत्याधुनिक ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों की क्षमता रोजाना करीब पांच-पांच टन हरित कचरे को खाद में बदलने की है। शुरुआती परीक्षण सफल होने के बाद इन्हें नियमित रूप से चालू करने की तैयारी की जा रही है। खाद का उपयोग शहर के पार्कों, हरित पट्टियों और फूलों की क्यारियों में किया जाएगा।

मशीनों में कचरे को पहले काटा जाएगा, फिर सुखाया जाएगा

नगर निगम के अनुसार वर्तमान में रोजाना बड़ी मात्रा में पत्ते, घास, पेड़ की कटाई से निकली टहनियां और अन्य जैविक कचरा शहर के विभिन्न सेक्टरों से निकलता है। कचरे का अधिकांश हिस्सा सीधे डंपिंग यार्ड भेजा जा रहा था, जिससे न केवल डंपिंग यार्ड पर भार बढ़ रहा था बल्कि पर्यावरणीय समस्याएं भी सामने आ रही थीं। नई मशीनों के लगने से कचरा उसी स्थान पर प्रोसेस होकर उपयोगी खाद में परिवर्तित होगा। इससे न केवल बजट की बचत होगी, बल्कि डंपिंग साइट की क्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार इन मशीनों में कचरे को पहले काटा जाएगा, फिर सुखाया जाएगा और उसके बाद जैविक विघटन की प्रक्रिया से खाद तैयार की जाएगी।

तैयार खाद की गुणवत्ता की नियमित जांच भी की जाएगी

इसके लिए प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की जाएगी, जो मशीनों के संचालन, रखरखाव और उत्पादन की प्रक्रिया को संभालेगा। तैयार खाद की गुणवत्ता की नियमित जांच भी की जाएगी ताकि इसका उपयोग बागवानी कार्यों में प्रभावी रूप से हो सके। नगर निगम ने नागरिकों से विशेष सहयोग की अपील की है। निगम का कहना है कि यदि निवासी अपने घरों, पार्कों और कॉलोनियों से निकलने वाले हरे कचरे को घरेलू सूखे और गीले कचरे से अलग करके देंगे, तो खाद निर्माण की प्रक्रिया और सुगम हो जाएगी। आने वाले दिनों में निगम कॉलोनियों में जागरूकता अभियान भी चलाएगा, जिसमें लोगों को अलग-अलग कचरे को छांटने व हरे कचरे को मशीन केंद्रों तक पहुंचाने के बारे में समझाया जाएगा। इसके अलावा आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों की मदद भी ली जाएगी। 

जैविक खाद के उत्पादन से हरियाली बढ़ाने में सीधी मदद मिलेगी

स्वच्छता मिशन के तहत शहर में इस मॉडल को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है, और यदि परिणाम संतोषजनक रहे तो अगले चरण में और अधिक सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा पार्कों में मशीन लगाने पर विचार होगा। निगम के अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल शहर साफ-सुथरा बनेगा, बल्कि जैविक खाद के उत्पादन से हरियाली बढ़ाने में सीधी मदद मिलेगी। इससे शहर प्राकृतिक संसाधनों की बचत, प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। नगर निगम का लक्ष्य है कि फरीदाबाद को आने वाले वर्षों में देश के स्वच्छ व पर्यावरणीय रूप से विकसित शहरों की श्रेणी में शामिल किया जाए। योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद शहर डंपिंग यार्ड पर निर्भरता कम कर ह्यकचरे से संसाधनह्ण बनाने की ओर बढ़ेगा। अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि नागरिकों के सहयोग से यह पहल फरीदाबाद को स्वच्छता और हरियाली के क्षेत्र में एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित करेगी। 

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