केंद्रीय सांख्यिकी, कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन एवं योजना राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शनिवार को गांव माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का निरीक्षण कर जायजा लिया। केंद्रीय मंत्री ने दी गई गाइडलाइन के तहत मार्च 2026 तक एम्स में ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा क्षेत्र को दी गई 1700 करोड़ रुपये की एम्स की सौगात अपना मूर्त रूप लेने लग रही है।
शनिवार को माजरा गांव पहुंचकर निर्माणाधीन एम्स का दौरा कर प्रगति रिपोर्ट जांची और अधिकारियों को आवश्यकेंद्रीय सांख्यिकी, कार्यक्रम एवं कार्यान्वयन एवं योजना राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शनिवार को गांव माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का निरीक्षण कर जायजा लिया। केंद्रीय मंत्री ने दी गई गाइडलाइन के तहत मार्च 2026 तक एम्स में ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा क्षेत्र को दी गई 1700 करोड़ रुपये की एम्स की सौगात अपना मूर्त रूप लेने लग रही है। शनिवार को माजरा गांव पहुंचकर निर्माणाधीन एम्स का दौरा कर प्रगति रिपोर्ट जांची और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
राव इंद्रजीत सिंह ने एम्स और एजेंसी के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि रेवाड़ी जिला के माजरा गांव में बन रहे एम्स को अच्छी गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा किया जाए और ओपीडी शुरू होने से रेवाड़ी जिले व आसपास के क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी काफी राहत मिलेगी। इसी के साथ बाकी कार्य भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके अलावा फैकल्टी संबंधी व्यवस्थाएं भी समय से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मेडिकल क्लासेज भी अगले सेशन में शुरू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान रेलवे लाइन के ऊपर से बनने वाले ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने ओपीडी बिल्डिंग सहित पूरे निर्माणाधीन एम्स परिसर का जायजा लिया। एम्स के निदेशक डॉ. डी.एन. शर्मा ने मंत्री को अवगत करवाया कि माजरा गांव में बनाया जा रहे 750 बेड के एम्स का कार्य तेजी से चल रहा है। 210 एकड़ में करीब 1700 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे एम्स में सभी सुविधाएं मिलेंगी, जो देश के अन्य एम्स में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि माजरा एम्स में अगले जून-जुलाई-2026 के सेशन से मेडिकल क्लासेज भी शुरू की जाएंगी। इस एम्स में फिलहाल निर्धारित नियमों के अनुसार शुरूआत में एमबीबीएस के लिए 50 सीटें रखी जाएंगी। जो कि आगे बढ़ाकर 100 सीट की जाएंगी।क दिशा निर्देश दिए।