हरियाणा के नूंह जिले के तावडू खंड स्थित डिंगरहेड़ी गांव में 14 और 15 दिसंबर 2025 को एक संदिग्ध जानवर देखे जाने से दहशत का माहौल है। रविवार देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक यह जानवर कई घरों के आंगन में देखा गया है। वहीं एक ग्रामीण के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए जैसी आकृति कैद हुई है, जिसमें उसे रविवार रात करीब 8 बजे से सोमवार सुबह तक गांव की गलियों और घरों के आंगन में घूमते देखा गया। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक एक ग्रामीग का पालतू कुत्ता भी गायब है, जिससे तेंदुए की मौजूदगी की आशंका प्रबल हो गई है। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीमें अलर्ट पर हैं। हालांकि, क्षेत्र में घने कोहरे के कारण शुरुआती तलाशी में कठिनाई आई।
16 सेकंड के वीडियो में एक संदिग्ध जानवर नजर आया
ग्रामीण गौरव और पुष्पा ने बताया कि रविवार रात करीब 8 बजे मकान के सीसीटीवी में पहले एक जानवर की परछाई नजर आई, तो डरकर उन्होंने फुटेज की दोबारा जांच की तो 16 सेकंड के वीडियो में एक संदिग्ध जानवर नजर आया। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। लेकिन उस समय कुछ भी नहीं मिला। सोमवार सुबह पुष्पा ने गाय के पास फिर उसी जानवर को देखा। जिसकी सूचना वन्यजीव विभाग को दी गई। वन्य विभाग की टीम और मोहम्मदपुर अहीर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जानवर के पैरों के निशान की तलाश शुरू
विभाग के कर्मचारी मुबीन व आकाश और इत्तेफाक ने जानवर के पैरों के निशान की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। वन्य जीव विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में तेंदुआ जैसा जानवर नजर आ रहा है। लेकिन पगमार्ग अभी साफ नहीं हो पाए हैं। इसलिए तेंदुए के होने की पुष्टि करना मुश्किल है। गांव डिंगरहेड़ी पहाडियों के नजदीक स्थित है, इलाके में घना कोहरा छाया हुआ है। ऐसे में जानवर भोजन की तलाश में आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं।
सर्दियों में भोजन की तलाश में तेंदुए अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते
फिलहाल ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों को एहतियात बरतने, रात के समय बाहर न निकलने और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। पास के खोरी खुर्द गांव के खेतों में भी इसी तरह के संदिग्ध जानवर के देखे जाने की सूचना मिली है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि सर्दियों में भोजन की तलाश में तेंदुए अक्सर अरावली की पहाड़ियों से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।