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The Haryana Story | काम किसी का नाम किसी का! मनरेगा योजना का नाम बदलने पर दीपेंद्र हुड्डा बोले -भाजपा को झूठा श्रेय लेने की तलब

काम किसी का नाम किसी का! मनरेगा योजना का नाम बदलने पर दीपेंद्र हुड्डा बोले -भाजपा को झूठा श्रेय लेने की तलब

दीपेंद्र हुड्डा बोले - ये सरकार सिर्फ योजनाओं के नाम बदलकर श्रेय लेना चाहती है

मनरेगा योजना का नाम बदलने वाली भाजपा सरकार केवल नाम में विश्वास रखती है काम में नहीं, क्योंकि यही इनकी कार्यशैली है। उक्त बातें कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मनरेगा योजना का नाम बदलने पर भाजपा सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि यह बीजेपी की नकारा राजनीति को दर्शाता है। इससे स्पष्ट है कि बीजेपी काम में नहीं बल्कि नाम बदलने में विश्वास रखती है। बता दें कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर अब इसे 'जी राम जी योजना' (VB-G RAM G) कर दिया है।

काम करना तो इनके बस की बात नहीं, झूठा श्रेय लेने की तलब 

सांसद दीपेंद्र संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ये सरकार सिर्फ योजनाओं के नाम बदलकर श्रेय लेना चाहती है, क्योंकि काम करना तो इनके बस की बात नहीं है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि काम किसी का, नाम किसी का भाजपा की नीति बन गई है। भाजपा के भीतर झूठा श्रेय लेने की ऐसी तलब है कि ये कल को ताजमहल को बनवाने का भी दावा कर सकती है। इस मौके पर कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने भी सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के प्रस्ताव की आलोचना की। 

भाजपा इस योजना को खत्म करने की कगार पर पहुंच गई

सांसद हुड्डा ने कहा कि मनरेगा के तहत, 100 दिनों की रोजगार गारंटी की योजना थी, लेकिन जब उन्होंने हरियाणा के बारे में सवाल पूछताछ तो बताया गया कि इसके तहत आठ लाख से अधिक लोग पंजीकृत हैं और 100 दिनों का रोजगार केवल 2100 लोगों को मिला। आठ लाख से अधिक मजदूरों में से केवल 2100 लोगों को 100 दिनों का काम मिलना बताता है कि भाजपा इस योजना को खत्म करने की कगार पर पहुंच गई है। योजना में सक्रिय मजदूरों के लिए मुआवजे का प्रावधान है। यदि उन्हें एक वर्ष में 100 दिनों का रोजगार न मिले, तो उन्हें मुआवजा देना होता है।

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