अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने कहा कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर राम जी का नाम करने वाली भाजपा सरकार ने देश के गरीबों, मजदूरों पर अत्याचार करने का काम किया है। गोडसे को पूजने वाली भाजपा गांधीजी के साथ रामजी को भी धोखा दे रही है। क्योंकि ना तो गांधीजी गरीबों के विरोधी थे और ना ही रामजी। उन्होंने देश, समाज के अंतिम व्यक्ति तक के उत्थान के लिए काम किया, भाजपा अंतिम व्यक्ति तक को प्रताड़ित करने का काम करक रही है। यह बात उन्होंने यहां गुरुग्राम के कमान सराय स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कही। इस दौरान हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की भी गरिमामयी मौजूदगी रही।
जो षडयंत्र भाजपा ने रचा वह झूठ की बुनियाद पर रचा गया
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर, जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) वर्धन यादव ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मीडिया इंचार्ज संजीव भारद्वाज, मोहित ग्रोवर, पर्ल चौधरी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने भी भाजपा की गरीब विरोधी नीतियों को उजागर किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने कहा कि देश में पिछले 12-13 साल से गांधी परिवार, कांग्रेस पार्टी पर हमले कर रही है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले की जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक द्वेष की भावना से भाजपा ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को परेशान करने की काम किया है, जबकि सुप्रीमकोर्ट में नेशनल हेराल्ड मामले में यह साफ हो गया है कि जो षडयंत्र भाजपा ने रचा वह झूठ की बुनियाद पर रचा गया। उसमें किसी तरह की कोई सच्चाई सामने नहीं आई।
योजना में बदलाव के बाद अब रोजगार की गारंटी खत्म हो गई
अजय उपाध्याय ने कहा कि ईडी, सीबीआई का दुरुपयोग करके कांग्रेस को प्रताड़ित करने का काम करती रहती है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से देश के लाखों, करोड़ों मजदूरों को रोजगार की गारंटी कांग्रेस सरकार ने दी थी। यह भाजपा को रास नहीं आया। भाजपा ने अपना गरीब, मजदूर विरोधी चेहरा उजागर करते हुए इस योजना को खत्म करने का काम किया। उन्होंने कहा कि योजना का सिर्फ नाम ही नहीं बदला गया, बल्कि इसका स्वरूप भी बदल दिया गया है। योजना में बदलाव के बाद अब रोजगार की गारंटी खत्म हो गई है। पहले मजदूर को 15 दिन में सरकार द्वारा रोजगार देना पड़ता था, यह मौलिक अधिकार था। भाजपा ने 2014 में मनरेगा योजना का मजाक उड़ाया था, जबकि नीति आयोग ने इस योजना की सराहना की थी। क्योंकि देश के करोड़ों मजदूरों को दो वक्त की रोटी इस योजना से मिल रही थी।
केंद्र सरकार ने राज्यों पर इस योजना का बोझ डाल दिया
इस योजना से ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर बदली। साथ ही केंद्र सरकार ने राज्यों पर इस योजना का बोझ डाल दिया है। गांव, ग्रामीण स्तर पर इस योजना में जिस तरह से काम होते थे, अब वे सीधे केंद्र की ओर से नियंत्रित होंगें। राज्यों को इस योजना का खर्च वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी राज्य का इतना बजट नहीं होता कि वह इस योजना को आगे बढ़ा सके, इसलिए सीधे तौर पर नुकसान गरीबों का ही होना तय है। उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार ने कभी बजट ना देकर तो कभी डिजिटल करने के नाम पर गरीबों को दुखी करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह देश पूरी दुनिया में गांधीजी के नाम से जाना जाता है। देश के गरीब गांधीजी, रामजी की संतानें हैं। उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करके भाजपा ना गांधीजी को सम्मान दे रही और ना ही राम जी को।
अपनी मंशा साफ कर दी है कि वह गोडसे को मानती है
उन्होंने कहा कि देश के गरीबों को मारने की यह स्कीम है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने नरेगा नाम से इस योजना में गांधी जी का नाम जोडकर मनरेगा किया था, लेकिन भाजपा ने गांधीजी के नाम को हटाकर अपनी मंशा साफ कर दी है कि वह गोडसे को मानती है। गांधी परिवार को निशाना बनाने के षड्यंत्र करती है भाजपा: राव नरेंद्र सिंह हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि देश के गरीबों को मनरेगा का लाभ मिलता था। महंगाई के दौर में भाजपा सरकार द्वारा गरीबों की मजदूरी बढ़ाना तो दूर, उनकी मजदूरी के हक को ही छीन लिया। मनरेगा योजना को नाम बदलने के नाम पर खत्म कर दिया। बदलाव करके इस योजना की हत्या कर दी गई है।