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The Haryana Story | करनाल जिला जेल में कैदी ने पजामे के नाड़े से लगाई फांसी, चोरी के 22 मामलों में था दोषी

करनाल जिला जेल में कैदी ने पजामे के नाड़े से लगाई फांसी, चोरी के 22 मामलों में था दोषी

बिजली चोरी व ट्रांसफार्मर चोरी के 22 मामलों में था दोषी, कैथल जेल से हुआ था ट्रांसफर

कैथल के गुलहा चीका क्षेत्र सहित अलग अलग जगहों पर चोरी के करीब 22 मामलों के सजा काट रहे कैदी ने शुक्रवार को करनाल जिला जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में पजामे के नाड़े से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार को सुबह बैरक में कैदी का शव लटका मिलने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। शव को फंदे से उतारकर करनाल के मोर्चरी हाउस भिजवाया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है। जेल कर्मियों ने बैरक में एक कैदी को फंदे से लटका देखा, जिसके बाद तुरंत उच्च अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई।

एफएसएल टीम की निगरानी में शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया गया

रामनगर थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम की निगरानी में शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया गया और मोर्चरी हाउस भेजा गया। मृतक की पहचान पंजाब के संगरूर जिले के गांव कवड़ा कोठी निवासी 25 वर्षीय गुरध्यान पुत्र महेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह पहले कैथल जिला जेल में बंद था, जहां से उसे करनाल जिला जेल में स्थानांतरित किया गया था। सूत्रों के अनुसार गुरध्यान पहली बार 20 मई 2022 को करनाल जेल आया था। इसके बाद बीती 2 दिसंबर को उसे दोबारा करनाल जेल लाया गया था और तभी से वह यहीं बंद था। पुलिस के अनुसार गुरध्यान के खिलाफ कैथल जिले में चोरी से जुड़े करीब 22 मामले दर्ज थे। इनमें अधिकांश मामले ट्रांसफार्मर चोरी और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत दर्ज थे। 

ज्यादातर मामलों का निपटारा वर्ष 2021 से 2024 के बीच हुआ था

इन मामलों में वह दोषी करार दिया जा चुका था। जानकारी के मुताबिक कई मामलों में वह सजा काट चुका था, जबकि कुछ मामलों में अदालत द्वारा उसे दोषी ठहराया गया था। ज्यादातर मामलों का निपटारा वर्ष 2021 से 2024 के बीच हुआ था। जेल सूत्रों के मुताबिक गुरध्यान से जेल में किसी प्रकार की लेबर नहीं करवाई जा रही थी। वह अविवाहित था और बैरक नंबर 7-ए (क्लास-सी) में बंद था। इसी बैरक में उसका जीजा और साला भी बंद थे। बताया गया है कि दोनों के सो जाने के बाद गुरध्यान ने यह कदम उठाया। 

आत्महत्या के कारणों का फिलहाल कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया

जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिला जेल डीएसपी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या सुबह तीन बजे के बाद की प्रतीत हो रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम को बुलाया गया था। एफएसएल की मौजूदगी में शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और आत्महत्या के कारणों की जांच जारी है।

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