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The Haryana Story | ईमानदार पुलिसकर्मी के बेटे ने पकड़ी अपराध की राह, पिता के एक्सीडेंट का बदला लेने के लिए 20 साल से कर रहा था गैंग तैयार

ईमानदार पुलिसकर्मी के बेटे ने पकड़ी अपराध की राह, पिता के एक्सीडेंट का बदला लेने के लिए 20 साल से कर रहा था गैंग तैयार

आरोपी देवांशु के पिता सूरजभान 1988 में नागौर से राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए, काफी ईमानदार और कर्मठ पुलिस जवान थे, उन्होंने राजस्थान के कई कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई थी

सीआईए रेवाड़ी ने 16 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कैब चालक को गोली मारकर लूट करने वाले दो आरोपियों से रिमांड के दौरान अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया था, जिसमें पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 देसी कट्टे और 15 कारतूस बरामद किए। बता दें कि आरोपियों ने 16 दिसंबर की सुबह एक कैब चालक को गोली मारकर उससे गाड़ी लूट ली थी। वहीं रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी इन हथियारों का उपयोग अन्य बड़ी वारदातों को अंजाम देने के लिए करने वाले थे। इसके साथ ही उक्त मामले में पुलिस ने अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले मेरठ के रहने वाले एक और आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।

पिता के एक्सीडेंट का एक गैंगस्टर से बदला लेने के लिए गैंग तैयार कर रहा था देवांशु  

रिमांड के दौरान जांच में जो सामने आया उसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। जांच में सामने आया कि अजमेर निवासी देवांशु बीस साल पहले हुए अपने पिता के एक्सीडेंट का नसीराबाद के एक गैंगस्टर से बदला लेने के लिए गैंग तैयार कर रहा था। देवांश 20 साल से गैंगस्टर को मारने के लिए तैयारी कर रहा था, जिसके लिए लाखों रुपए का कर्ज भी ले चुका है। डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि कैब लूट की वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी अजमेर निवासी देवांश और आजमगढ़ निवासी शुभम से दो पिस्टल, तीन मैगजीन, 89 कारतूस एक खोल, जीपीएस डिटेक्टर, जैमर, चार मोबाइल व सिम बरामद किए थे। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पांच पिस्टल, 250 कारतूस, 8 मैगजीन, 22 मैगजीन स्प्रिंग, एक पिस्टल बैरल स्प्रिंग, एक आईफोन, छह वायरलैस वॉकी-टॉकी व चार्जर, एक दूरबीन और एक हथकड़ी बरामद की है। बरामद हुए आईफोन से ही देवांश ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से जयपुर तक के लिए कैब बुक की थी। 

जाने कौन थे देवांशु के पिता और क्या है मामला  

पुलिस के अनुसार आरोपी देवांशु के पिता सूरजभान 1988 में नागौर से राजस्थान पुलिस में भर्ती हुए। सूरजभान काफी ईमानदार और कर्मठ पुलिस जवान थे। पुलिस में रहते हुए उन्होंने राजस्थान के कई कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाई थी। इस दौरान एक मर्डर के मामले में सूरजभान ने नसीराबाद के रहने वाले एक बदमाश विनोद फैडरिक को गिरफ्तार किया था। विनोद उसे समय ब्यावर में रहकर धंधा करता था। इस मामले में विनोद को 10 साल की सजा भी हुई थी। विनोद की गिरफ्तारी के करीब एक साल बाद 1995 में सूरजभान का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें काफी चोट भी लगी थी। देवांशु को शक था कि उनके पिता का एक्सीडेंट गैंगस्टर विनोद फैडरिक ने ही कराया है। देवांशु विनोद फैडरिक से अपने पिता के एक्सीडेंट का बदला लेना चाहता था और उसी समय से वह इसकी तैयारी में जुट गया था। विनोद फैडरिक की स्थिति मजबूत होने के कारण देवांशुबदला लेने के लिए अपनी गैंग तैयार करने में जुट गया। विनोद फेडरिक अजमेर सिटी थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश भी है।

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