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The Haryana Story | बरवाला और समालखा को नगर परिषद घोषित करने से तत्कालीन नगर पालिका पदाधिकारियों के 5 वर्ष कार्यकाल पर फंसा पेंच

बरवाला और समालखा को नगर परिषद घोषित करने से तत्कालीन नगर पालिका पदाधिकारियों के 5 वर्ष कार्यकाल पर फंसा पेंच

एडवोकेट ने संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का हवाला देकर प्रदेश सरकार को लिखकर जुलाई, 2027 के बाद ही दोनों का दर्जा अपग्रेड करने की अपील की

गत वर्ष 26 दिसम्बर को हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ए.सी.एस.), अरुण कुमार गुप्ता, जो हालांकि मुख्य तौर पर हरियाणा के मुख्यमत्री के प्रधान सचिव हैं,  की हस्ताक्षरित सील से प्रदेश सरकार के गजट में प्रकाशित एक नोटिफिकेशन (अधिसूचना) मार्फ़त हिसार जिले में स्थापित बरवाला म्युनिसिपल कमेटी अर्थात नगरपालिका समिति का दर्जा बढ़ाकर म्युनिसिपल कौंसिल अर्थात  नगर परिषद  कर दिया गया। ठीक इसी प्रकार गत वर्ष 12 अगस्त 2025 को हरियाणा सरकार के शहरी निकाय विभाग के तत्कालीन आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता की हस्ताक्षरित सील से प्रदेश के सरकारी गजट में प्रकाशित एक अधिसूचना मार्फ़त पानीपत जिले में स्थापित समालखा म्युनिसिपल कमेटी अर्थात  नगरपालिका समिति का दर्जा बढ़ाकर भी म्युनिसिपल कौंसिल अर्थात  नगर परिषद कर दिया गया था।

बहरहाल, इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट एडवोकेट और म्युनिसिपल कानून जानकार हेमंत कुमार  (9416887788) ने गत दिनों  हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शहरी निकाय विभाग के मंत्री विपुल गोयल, विभाग के ए.सी.एस. और महानिदेशक एवं  राज्य निर्वाचन आयुक्त आदि को लिखकर समालखा और बरवाला नगरपालिका समिति का दर्जा बढ़ाकर नगर परिषद करने के विरूद्ध ज्ञापन एवं अभिवेदन भेजा है। बहरहाल, गत माह हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सदन द्वारा पारित हरियाणा नगर निकाय विधेयक, 2025 की प्रथम अनुसूची में हालांकि समालखा को नगर परिषद जबकि बरवाला को नगर पालिका के तौर पर  दर्शाया गया है।

इसी बीच हेमंत ने बताया कि हिसार जिले के अंतर्गत वाली पड़ने मौजूदा बरवाला नगरपालिका समिति और पानीपत जिले के अंतर्गत पड़ने वाली समालखा नगरपालिका समिति दोनों को नगर परिषद के तौर पर अपग्रेड करने  की टाइमिंग अर्थात समय पर गंभीर कानूनी सवाल उठता है चूँकि आज से साढ़े तीन वर्ष पूर्व जून, 2022  में जब हरियाणा निर्वाचन आयोग द्वारा  प्रदेश की 18 नगर परिषदों और 28 नगरपालिका समित्यों  के आम चुनाव कराये गए थे, तब उसमें बरवाला नगरपालिका समिति और समालखा नगरपालिका समिति के भी आम चुनाव कराये गए थे एवं इन दोनों  के चुनाव सम्पन्न होने  पश्चात 4 जुलाई 2022 को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बरवाला नगरपालिका समिति  के प्रत्यक्ष निर्वाचित अध्यक्ष रमेश कुमार और नगरपालिका क्षेत्र के सभी 19 वार्डो से निर्वाचित सदस्यों (जिन्हें आम तौर पर पार्षद या कौंसलर  कहा जाता है हालांकि हरियाणा नगरपालिका कानून, 1973 में यह शब्द नहीं है) और इसी प्रकार समालखा नगरपालिका समिति  के प्रत्यक्ष निर्वाचित अध्यक्ष अशोक कुमार और नगरपालिका क्षेत्र के सभी 17 वार्डो से निर्वाचित सदस्यों के नामों की निर्वाचन नोटिफिकेशन प्रदेश के शासकीय गजट में प्रकाशित की गई थी।

इस प्रकार मौजूदा बरवाला नगर पालिका सदन और समालखा नगर पालिका सदन दोनों का कार्यकाल जुलाई, 2027 तक शेष है। हेमंत ने आगे बताया कि हरियाणा नगरपालिका कानून, 1973 की धारा 12 के अनुसार और भारत की संविधान के अनुच्छेद 243 यू(1) के अंतर्गत  हर निर्वाचित नगर निकाय का कार्यकाल उसकी पहली आयोजित बैठक से पांच वर्ष तक होता है हालांकि उसे समयपूर्व कानूनन भंग किया जा सकता है. हरियाणा नगरपालिका कानून, 1973  की धारा 254 में मौजूदा निर्वाचित नगरपालिका को राज्य सरकार द्वारा कुछ विशेष और विकट परिस्थितियों में समय पूर्व भंग करने का प्रावधान तो है परन्तु उसमें ऐसा कहीं उल्लेख नहीं है कि अगर किसी निर्वाचित नगरपालिका समिति का दर्जा बढ़ाकर प्रदेश सरकार द्वारा  नगर परिषद किया जाता है, तो इससे पूर्ववत निर्वाचित नगरपालिका समिति स्वत: भंग हो जायेगी। वैसे भी किसी मौजूदा निर्वाचित नगर निकाय का  दर्जा अपग्रेड करने मात्र से उस  निकाय को भंग नहीं किया जा सकता है क्योंकि ऐसा करना पूर्णतया अलोकतांत्रिक होगा। इस प्रकार जब तक मौजूदा समालखा  नगर पालिका समिति और मौजूदा बरवाला नगर पालिका समिति  का पांच वर्ष  कार्यकाल जुलाई, 2027 तक पूरा नहीं होता, तब तक उन दोनों को नगर परिषद के तौर पर अपग्रेड नहीं किया जा सकता है।

यही नहीं 12 अगस्त 2025 को समालखा नगरपालिका समिति  का दर्जा बढ़ाकर  नगर परिषद करने और 26 दिसम्बर 2025 को बरवाला नगरपालिका समिति का दर्जा बढ़ाकर नगर परिषद करने के फलस्वरूप हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी कुछ महीनों में नव गठित समालखा नगर परिषद और बरवाला नगर परिषद के प्रथम आम चुनाव करना भी कानूनन  आवश्यक होगा  हालांकि अगर ऐसा किया गया  तो वर्तमान निर्वाचित समालखा नगरपालिका समिति  और बरवाला  नगरपालिका समिति  के पदाधिकारियो अर्थात उनके  प्रत्यक्ष निर्वाचित अध्यक्ष और सभी  वार्ड सदस्यों का पांच वर्ष कार्यकाल जो हालांकि जुलाई, 2027 तक शेष है, वह समयपूर्व समाप्त हो जाएगा  जिसके  विरूद्ध वह अदालत जा सकते हैं।

हेमंत ने बताया कि इसके साथ साथ ध्यान में रखना आवश्यक है कि ऐसा संभव नहीं है की मौजूदा समालखा  नगर पालिका समिति और बरवाला नगरपालिका समिति के  वर्तमान 5 कार्यकाल  के दौरान ही उन्हें नगर परिषद के अपग्रेड कर दिया जाए क्योंकि अगर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किसी नगर निकाय के म्युनिसिपल कमेटी अर्थात नगरपालिका समिति के तौर पर आम चुनाव कराये गये हैं, तो उसके पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने से पहले अथवा उसे किसी वैध कारण के असमय भंग करने से पहले न तो उसे अपग्रेड किया जा सकता है अर्थात न तो उसका दर्जा बढ़ाया जा सकता है और न ही डाउनग्रेड अपग्रेड किया जा सकता है अर्थात न तो  उसका दर्जा घटाया जा सकता है।

बहरहाल, हेमंत ने अपील की है  कि अगर हरियाणा सरकार को पानीपत जिले के अंतर्गत स्थापित समालखा नगर पालिका समिति और हिसार जिले के अंतर्गत स्थापित बरवाला नगर पालिका समिति का दर्जा अपग्रेड कर नगर परिषद करना ही है, तो ऐसा जुलाई, 2027 के बाद ही प्रभावी किया जाना चाहिए उससे पहले नहीं क्योंकि ऐसा करने से दोनों नगरपालिका समितियों के निर्वाचित अध्यक्ष और वार्ड सदस्यों का 5 वर्ष कार्यकाल समयपूर्व समाप्त हो जाएगा जो पूर्णतः असंवैधानिक होगा। 

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