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The Haryana Story | सावधान...कहीं 'जान' पर भारी न पड़ जाए हीटर-ब्लोअर की गर्मी, विशेषज्ञों की सलाह आर्टिफिशियल हीटिंग से बचें

सावधान...कहीं 'जान' पर भारी न पड़ जाए हीटर-ब्लोअर की गर्मी, विशेषज्ञों की सलाह आर्टिफिशियल हीटिंग से बचें

विशेषज्ञों ने दी हीटर, ब्लोअर व अंगीठी का कम या ना इस्तेमाल करने की सलाह

कड़ाके की ठंड से बचने के लिए हम हीटर व ब्लोअर का अधिक इस्तेमाल करते हैं। लोग कई-कई घंटे इनका इस्तेमाल करते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक है। यह स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है। विशेषज्ञों के अनुसार शरीर को गर्म रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करना चाहिए। उनके मुताबिक अप्राकृतिक तरीके से उत्पन्न की गई गर्मी हृदय के साथ-साथ फेफड़ों व त्वचा के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकती है। लोगों में त्वचा व सांस संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी प्रदान करने वाले कुछ उपकरणों से कार्बन मोनोक्साइड गैस उत्पन्न होती है जो मानव शरीर के लिए हानिकारक ही नहीं जानलेवा भी है।

सर्दियों में हीटर और ब्लोअर का इस्तेमाल आरामदायक तो होता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है। अगर आप भी इनका उपयोग कर रहे हैं, तो इन खतरों और बचाव के तरीकों को समझना बहुत जरूरी है: 

1. हीटर-ब्लोअर के मुख्य खतरे 

  • ऑक्सीजन की कमी बंद : कमरे में हीटर चलाने से हवा में मौजूद ऑक्सीजन कम हो जाती है और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें बढ़ सकती हैं, जिससे नींद में ही दम घुट सकता है।
  • त्वचा और आंखों में सूखापन: ब्लोअर से निकलने वाली सीधी गर्म हवा त्वचा को रूखा बना देती है और आंखों में जलन या रेडनेस पैदा कर सकती है।
  • सांस की समस्या: अस्थमा या सांस के मरीजों के लिए यह बहुत खतरनाक है, क्योंकि यह हवा को अत्यधिक खुश्क बना देता है।
  • आग का खतरा: कपड़ों या पर्दों के पास हीटर रखने से शॉर्ट सर्किट या आग लगने का डर रहता है। 

 

2. सावधानी बरतने के उपाय वेंटिलेशन रखें

हीटर चलाते समय कमरे का दरवाजा या खिड़की थोड़ी खुली रखें ताकि ताजी हवा आती रहे। सोते समय बंद कर दें: बिस्तर पर जाने से पहले कमरा गर्म कर लें और सोते समय स्विच ऑफ कर दें। रात भर हीटर चलाकर न सोएं। पानी का कटोरा रखें: कमरे की नमी (Humidity) बनाए रखने के लिए हीटर के पास एक खुले बर्तन में पानी भरकर रखें। दूरी बनाए रखें: हीटर को अपने से कम से कम 3-5 फीट की दूरी पर रखें और इसे ज्वलनशील चीजों से दूर रखें। ऑयल हीटर का चुनाव: अगर संभव हो, तो साधारण हीटर या ब्लोअर की जगह ऑयल फिल्ड रेडिएटर (Oil Filled Radiator) का उपयोग करें, क्योंकि ये ऑक्सीजन कम नहीं करते। 

 

3. किन्हें रहना चाहिए ज्यादा सावधान? 

  • छोटे बच्चे और बुजुर्ग। 
  • दिल और सांस (अस्थमा) के मरीज। 
  • जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है। 

 

आर्टिफिशियल हीटिंग से बचने की आवश्यकता 

होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. जयश्री मलिक का कहना है कि सर्दी में लोग हीटर, ब्लोअर व अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं। अंगीठी से मोनो ऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है। अगर कमरा बंद हो तो ये सीधे तौर पर जानलेवा है। हीटर व ब्लोअर का अधिक इस्तेमाल भी कई तरह के रोगों को बढ़ावा देता है। सांस के रोगियों के लिए यह नुकसानदायक है। इसके साथ-साथ त्वचा व फेफड़ों संबंधी समस्याएं भी इससे होती है। हमें आर्टिफिशियल हीटिंग से बचने की आवश्यकता है। क्योंकि ये सबसे पहले हवा को ड्राई कर देती है और ड्राई हवा नाक से लेकर फेफड़ों तक को परेशान करती है। वहीं विशेषज्ञों के मुताबिक अगर हीटर या ब्लोअर के इस्तेमाल के दौरान आपको सिरदर्द, चक्कर आना या घबराहट महसूस हो, तो तुरंत इसे बंद करें और ताजी हवा में जाएं।

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