हरियाणा में सामने आए कथित धान घोटाले, बिजली बिलों और अन्य जनसमस्याओं को लेकर किसानों ने करनाल में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन जाट धर्मशाला से शुरू होकर जिला मुख्यालय तक पहुंचा, जहां किसानों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया। बड़ी संख्या में किसान प्रदर्शन में शामिल रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब प्रदर्शनकारी किसान जिला सचिवालय के गेट पर पहुंचे तो पुलिस और किसानों के बीच हल्की धक्का-मुक्की हो गई।
बुजुर्ग किसान के साथ पुलिसकर्मी ने अभद्र भाषा का किया प्रयोग
किसानों ने आरोप लगाया कि इस दौरान एक बुजुर्ग किसान के साथ पुलिसकर्मी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और किसान नेताओं ने स्थिति को संभालते हुए मामले को शांत कराया। किसानों का कहना है कि उनकी समस्याओं और मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि इस बार हरियाणा में बहुत बड़ा धान घोटाला हुआ है।
सरकार को इन मामलों में जवाबदेह बनाया जाएगा
इसी मुद्दे को लेकर करनाल से आंदोलन की शुरुआत की गई है, जो आने वाले दिनों में पूरे हरियाणा में फैलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मामलों में जवाबदेह बनाया जाएगा। चढूनी ने स्पष्ट किया कि आंदोलन केवल धान घोटाले तक सीमित नहीं है। किसानों की प्रमुख मांगों में केंद्र सरकार का बिजली बिल, अस्पतालों में हो रही कथित लूट और आम जनता से जुड़े अन्य मुद्दे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा।