loader
The Haryana Story | बुड़शाम नहर पुल के पास 3-4 दिनों से जली खड़ी कार, हादसे को दे रही निमंत्रण, आखिर किसका एरिया..उलझीं तीन थानों की पुलिस

बुड़शाम नहर पुल के पास 3-4 दिनों से जली खड़ी कार, हादसे को दे रही निमंत्रण, आखिर किसका एरिया..उलझीं तीन थानों की पुलिस

एरिया किस थाना का है ? जिसको लेकर मामला उलझा हुआ है, इसी के चलते आज तक कार को रोड से हटाया नहीं गया, इसमें कहीं-न-कहीं पुलिस की लापरवाही सामने आई और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे

बुडशाम नहर पुल से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर संदिग्ध अवस्था में पिछले करीब तीन-चार दिनों से जली हुई कार रोलिंग किनारे खड़ी हुई है, जिससे हादसा घटित होने का अंदेशा बना हुआ है लेकिन एरिया सेक्टर 29 थाना पानीपत व इसराना थाना के अलावा समालखा थाना का है जिसको लेकर मामला उलझा हुआ है इसी के चलते आज तक कार को रोड से हटाया नहीं गया इसमें कहीं-न-कहीं पुलिस की लापरवाही सामने आई है और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसकी आज तक कोई सुध नहीं ली गई। राहगीरों के मुताबिक दिल्ली पैनल नहर के रास्ते पर आज तक किसी भी गांव शहर व जिले की सीमा साइन बोर्ड आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

रोलिंग किनारे खड़ी जली हुई कार हादसे को निमंत्रण दे रही

आमजन को इस बात की कोई जानकारी नहीं होती कि वह नहर के रास्ते पर किस संबंधित क्षेत्र में है जिसमें सरकार वह प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। कई बार तो वाहन चालक गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर भटक जाते हैं यह एक गंभीर समस्या बनी हुई है। किस रास्ते पर किस क्षेत्र की सड़क जुड़ी हुई है कोई जानकारी नहीं मिल रही। दूसरी और बुडशाम नहर पुल से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर रोलिंग किनारे खड़ी जली हुई कार हादसे को निमंत्रण दे रही है और ऊपर से कोहरे का अटैक जारी है जिससे यहां पर हादसा घटित होने का अंदेशा बना हुआ है लेकिन एरिया के चक्कर में अभी तक पिछले करीब तीन-चार दिनों से कार की कोई सुध नहीं ली गई।

मौके पर जाकर संबंधित एरिया की पहचान की जाएगी

दरअसल पुलिस एरिया में उलझीं हुई है। वहीं इस संबंध में जांच कर्मी एवं एएसआई संजीव कुमार ने बताया कि जली हुई कार किस क्षेत्र में खड़ी है जिसका पता लगाया जा रहा है इसमें सेक्टर 29 थाना पानीपत, इसराना थाना व समालखा थाना क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि नहर के रास्ते पर कोई एरिया से संबंधित साइन बोर्ड आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई। मौके पर जाकर संबंधित एरिया की पहचान की जाएगी।

Join The Conversation Opens in a new tab
×