हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर इलाकों में 'कोल्ड ब्लास्ट' यानी भीषण शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं और घने कोहरे के कारण इस क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 11 जनवरी को दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान 4.2°C से 4.6°C के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से लगभग 2.7°C कम है। हरियाणा के नारनौल और हिसार जैसे इलाकों में पारा 4°C तक गिर गया है। क्षेत्र में 'अति घना कोहरा' छाया हुआ है, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता 10 से 50 मीटर तक ही रह गई है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए दिल्ली और हरियाणा सरकार ने स्कूलों की छुट्टियाँ 15 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी हैं।
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के लिए येलो अलर्ट जारी
वहीं मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 2-3 दिनों तक गंभीर शीतलहर और पाला गिरने की संभावना जताई गई है। ठंड के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता (AQI) भी 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार क्षेत्र में एक साथ शीतलहर, गंभीर शीतलहर, कोल्ड डे, घना कोहरा और पाला जमने की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। राज्य के कई हिस्सों में रात्रि तापमान जमाव बिंदु के बेहद करीब पहुंच गया है, जबकि अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे दर्ज किया गया है। शुक्रवार को प्रदेश की सबसे ठंडी रात महेंद्रगढ़ में 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड की गई। वहीं गुरुग्राम में 1.8 डिग्री और सोनीपत में 2.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
बफीर्ली हवाओं से ठिठुरन बढ़ जाती
हरियाणा-एनसीआर में न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस) महेंद्रगढ़ 1.6, गुरुग्राम 1.8, सोनीपत 2.9, कैथल 3.3, नारनौल 3.5, चंडीगढ़ 4.0, हिसार 4.0, सिरसा 4.2, करनाल 4.4, भिवानी 4.5, रोहतक 4.7, जींद 4.9, फरीदाबाद 5.1 (स्रोत: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग) महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल का अधिकतम तापमान 13.0 डिग्री और न्यूनतम 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन के तापमान भी सामान्य से नीचे बने हुए हैं, जिससे शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। सुबह और रात के समय घने कोहरे के कारण दृश्यता कई स्थानों पर 0 से 50 मीटर तक सिमट गई है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि दिन के समय तेज धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन सूर्यास्त के बाद बफीर्ली हवाओं से ठिठुरन फिर बढ़ जाती है।
आने वाले दिनों में उत्तरी बफीर्ली हवाओं का प्रभाव और बढ़ेगा
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तरी बफीर्ली हवाओं का प्रभाव और बढ़ेगा, जिससे दिन और रात के तापमान में और गिरावट संभव है। शीतलहर से गंभीर शीतलहर की स्थिति बने रहने के साथ-साथ कुछ स्थानों पर पाला जमने और न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री के आसपास या माइनस में जाने की संभावना है। 16 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आंशिक बादल और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 20 जनवरी तक मौसम शुष्क रहेगा, जबकि 21 जनवरी को नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। क्या है शीतलहर और कोल्ड डे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे पहुंचने पर शीतलहर मानी जाती है।
गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह
वहीं, दिन के तापमान के सामान्य से 4.5 डिग्री या अधिक कम रहने और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे होने पर कोल्ड डे की स्थिति बनती है। सतर्कता और बचाव की सलाह विशेषज्ञों ने लोगों को गर्म व कई परतों वाले कपड़े पहनने, सिर-कान-हाथ-पैर ढकने, अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है। बंद कमरों में अंगीठी या कोयले के इस्तेमाल से बचने, बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने और कोहरे में वाहन चलाते समय धीमी गति व फॉग लाइट के प्रयोग पर जोर दिया गया है।