संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के भारत प्रमुख एवं प्रतिनिधि ताकायिकी हागीवारा ने अपनी फूड ट्रांजिशन एक्सपर्ट और कम्युनिकेशंस इंचार्ज के साथ पहली बार इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट (IIHM), गनौर का दौरा किया। इस अवसर पर एफएओ प्रतिनिधिमंडल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के संचालन, प्रबंधन ढांचे और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। दौरे के दौरान हागीवारा ने IIHM गनौर को अभूतपूर्व पैमाने पर विकसित एक विश्वस्तरीय बागवानी बाजार बताते हुए इसकी सराहना की और कहा कि यह आने वाले दशकों में भारत की खाद्य प्रणालियों को रूपांतरित करने में सक्षम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अब आपूर्ति-पक्ष से आगे बढ़कर वितरण और मांग-पक्ष पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिससे खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, ट्रेसबिलिटी और कुशल बाजार संचालन सुनिश्चित हो सके। एफएओ टीम ने बाजार की परिचालन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
एक ‘गेम चेंजर’ के रूप में उभरेगा
हागीवारा के अनुसार, पूर्ण रूप से परिचालित होने के बाद IIHM गनौर भारतीय खाद्य एवं बागवानी क्षेत्र में एक ‘गेम चेंजर’ के रूप में उभरेगा और न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर संगठित थोक बाजारों के लिए नए मानक स्थापित करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रीय राज्य कृषि विपणन बोर्ड परिषद, नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक डॉ. जे.एस. यादव भी उपस्थित थे, जिन्हें IIHM की परिकल्पना के मुख्य दूरदर्शी के रूप में व्यापक रूप से जाना जाता है। उनकी रणनीतिक सोच ने इस परियोजना को भविष्य-उन्मुख कृषि विपणन पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वास्तुकार प्रवीण चोपड़ा की जमकर तारीफ की
उन्होंने इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट के वास्तु नियोजन को लेकर पानीपत के वास्तुकार प्रवीण चोपड़ा की जमकर तारीफ की। परियोजना का एक प्रमुख आकर्षण इसका वास्तु नियोजन और क्रियान्वयन है, जो IIHM गन्नौर के प्रधान वास्तुकार और पानीपत निवासी आर्किटेक्ट प्रवीण चोपड़ा के नेतृत्व में किया जा रहा है। आर्किटेक्ट चोपड़ा ने अपनी टीम—आर्किटेक्ट विधि चौधरी और नीरज खुराना—के साथ विश्वभर के बड़े फल एवं सब्जी थोक बाजारों का गहन अध्ययन और दस्तावेजीकरण किया है, जिसके आधार पर अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को इस परियोजना में समाहित किया गया है। उन्होंने बताया कि बाजार के प्रत्येक कमोडिटी जोन को विशिष्ट हैंडलिंग प्रोटोकॉल के अनुसार सूक्ष्मता से डिजाइन किया गया है, जिससे भंडारण, आवागमन, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा की सर्वोत्तम स्थितियां सुनिश्चित हों।
100 मीटर ऊंचे प्रतिष्ठित ‘टॉवर ऑफ एक्सीलेंस’ के निर्माण का प्रस्ताव
प्रत्येक फल एवं सब्जी के लिए डिस्प्ले यूनिट्स भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप डिजाइन की गई हैं। इसके अतिरिक्त, बाजार परिसर में कमांड कंट्रोल सेंटर और कॉर्पोरेट कार्यालयों सहित 100 मीटर ऊंचे प्रतिष्ठित ‘टॉवर ऑफ एक्सीलेंस’ के निर्माण का प्रस्ताव भी है। करीब 570 एकड़ में फैला यह विशाल परिसर मुख्यतः स्टील संरचनाओं के उपयोग से विकसित किया जा रहा है, जो आधुनिक, लचीले और सतत निर्माण दृष्टिकोण को दर्शाता है। परियोजना के पहले चरण में लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ कार्य प्रगति पर है, जो इसकी व्यापकता और महत्व को रेखांकित करता है।
IIHM गनौर भारत में बागवानी विपणन के परिदृश्य को नई दिशा देने के लिए तत्पर
दौरे में कुवैत में बड़े थोक बाजारों के संचालन का अनुभव रखने वाले और वर्तमान में तेलंगाना सरकार के साथ सहयोग कर रहे संभावित अंतरराष्ट्रीय निवेशक भी शामिल थे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे। प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत गनौर के कार्यकारी अभियंता (XEN) सहित हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (HIHMC) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों द्वारा किया गया। दूरदर्शी योजना, वैश्विक डिजाइन मानकों और भविष्य की खाद्य प्रणालियों पर केंद्रित दृष्टिकोण के साथ IIHM गनौर भारत में बागवानी विपणन के परिदृश्य को नई दिशा देने के लिए तत्पर है और हरियाणा को वैश्विक कृषि अवसंरचना मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करेगा।
‘टॉवर ऑफ एक्सीलेंस’