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The Haryana Story | काम की खबर : जानें 'एग्री स्टैक' योजना के तहत यूनिक आईडी बनवाना क्यों है ज़रूरी, क्या है एग्री स्टैक यूनिक आईडी

काम की खबर : जानें 'एग्री स्टैक' योजना के तहत यूनिक आईडी बनवाना क्यों है ज़रूरी, क्या है एग्री स्टैक यूनिक आईडी

आने वाले समय में इस आईडी के आधार पर ही किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा

सरकार के द्वारा भारत के किसानों के लिए एक नई एग्री स्टैक योजना लेकर आई है। जिसमें किसान की आईडी बनाई जाती है। कृषि विभाग राजस्व विभाग के साथ मिलकर ग्राउंड स्तर पर इस पर काम कर रहा है ताकि हरियाणा के सभी किसानों की यह आईडी जल्दी बन कर तैयार हो क्योंकि आने वाले समय में इस आईडी के आधार पर ही किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा जिसमें एक क्लिक से ही किसान की हर चीज का विवरण वहां पर मिलेगा। उसकी फसल योजनाओं का लाभ या फिर कोई अन्य सभी का विवरण में एग्री स्टैक में मिलेगा , जो एक डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा।

31 जनवरी तक किसान इसको बनवा सकते हैं यूनिक फार्मर आईडी

डॉ वजीर सिंह जिला कृषि उपनिदेशक करनाल ने बताया कि केंद्र सरकार की एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों की एक यूनिक फार्मर आईडी बनाई जा रही है। इसको तेजी से पूरा करने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग द्वारा विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ताकि किसानों को इसके बारे में जानकारी मिले और सभी इसको जल्दी से जल्दी बनवाए। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी तक किसान इसको बनवा सकते हैं। यूनिक फार्मर आईडी से किसान को मिलेगी डिजिटल पहचान उन्होंने बताया कि एग्री स्टैक एक डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसका उद्देश्य खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी को एक स्थान पर लाना है। जिस तरह हर नागरिक की पहचान 'आधार कार्ड' से होती है, उसी तरह 'यूनिक फार्मर आईडी' किसानों की सटीक और पारदर्शी डिजिटल पहचान बनेगी। जो भविष्य में किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी और यह एक किसान की अलग पहचान होगी। 

किसानों ने 31 जनवरी तक अगर नहीं बनवाई आईडी तो नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

करनाल जिले की बात करें तो जिले के एक लाख किसानों की यूनिक आईडी बनाई जा रही है। अब तक 40 हजार किसानों की आईडी बन गई है और आगामी एक महीने में सभी किसानों की आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है । वजीर सिंह ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिनकी यूनिक आईडी बनी होगी। किसान सम्मान निधि की राशि भी किसान आईडी के जरिए ही दी जाएगी।

किसानों के लिए लगाए जा रहे शिविर

हर जिले में किसानों के लिए यह बिल्कुल आसान है वह अपने नजदीकी सीएससी सेंटर में जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। यह पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक है। किसानों का पंजीकरण आधार कार्ड पर आधारित OTP प्रमाणीकरण प्रक्रिया के जरिए किया जाता है। ओटीपी के जरिए किसान की पहचान और भूमि रिकॉर्ड का मिलान डिजिटल रूप से किया जाता है। किसानों की सुविधा के लिए गांवों और ब्लॉक स्तर पर राजस्व और कृषि विभाग की टीमें विशेष शिविर लगा रही हैं। 

यूनिक फार्मर आईडी से ही मिलेगा योजनाओं का लाभ

बता दें कि आने वाले समय में यह प्रत्येक किसान के लिए जरूरी हो जाएगी कि वह अपने यूनिक फार्मिंग आईडी बनाएं। इस डिजिटल आईडी से किसानों को बहुत फायदे होंगे। पीएम-किसान, फसल बीमा और खाद-बीज पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे खाते में और बिना किसी देरी के मिलेगी। बार-बार पटवारी या दफ्तरों के चक्कर काटकर भूमि दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार के पास डेटा होने से आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में मुआवजा वितरण अधिक पारदर्शी होगा। जो किसान के हित में रहेगा इसलिए यह काफी फायदेमंद होने वाली है। इसलिए विभाग की तरफ से किसानों से अपील की है कि सभी किसान साथी अपनी यूनिक फार्मर आईडी जरूर बनाएं।

एग्री स्टैक आईडी के लिए किसान इस तरह कर सकेंगे सेल्फ रजिस्ट्रेशन

एग्री स्टैक फार्मर आईडी जनरेट करने के लिए किसान को सबसे पहले हरियाणा फार्मर रजिस्ट्रेशन पोर्टल ओपन करना होगा,जिसमें डेस बोर्ड पर किसान को अपना अकाउंट बनाना है,इसके उपरांत ई-केवाईसी सत्यापन की प्रक्रिया होगी। किसान को लॉगिन करके अपनी जमीन सम्बन्धी डिटेल अपलोड करनी है,जिसके बाद मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा,ओटीपी वेरीफाई होने उपरांत किसान की आईडी बन जाएगी।

इन दस्तावेजों से बनेगी किसानों की एग्री स्टैक आईडी

एग्रीस्टैक आईडी बनवाने के लिए किसानों को मोबाईल नंबर से लिंक आधार कार्ड, पिछली फसल के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण की प्रति या जमीन से जुड़ी फर्द साथ लाना जरूरी है। एग्रीस्टैक आईडी के लिए किसान स्वयं भी पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा सीएससी सेंटरों के माध्यम से सेल्फ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से किसान आईडी जनरेट करा सकते हैं।

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