बडनपुर नहर हेड से 22 वर्षीय युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। शव की सूचना मिलते ही पुलिस तथा मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे। मृतका की पहचान गांव कालता निवासी 22 वर्षीय सलोनी के रूप में हुई है। घटना की सूचना जैसे ही मृतका के परिजनों को पता चला तो वो नागरिक अस्पताल पहुंचे और हत्या की आशंका जताते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर रविवार को धरना शुरू कर दिया। धरने को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बुआ ने उसे पिंडारी रेलवे स्टेशन से कुरुक्षेत्र से जींद आने वाली ट्रेन में बैठाया था
परिजनों के अनुसार सलोनी शुक्रवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बीकॉम की डिग्री लेने के लिए घर से निकली थी। देर हो जाने के कारण वह कुरुक्षेत्र में अपनी बुआ के पास रुक गई। शनिवार सुबह उसकी बुआ ने उसे पिंडारी रेलवे स्टेशन से कुरुक्षेत्र से जींद आने वाली ट्रेन में बैठाया था। सुबह करीब 10:30 बजे सलोनी से उनकी बात हुई थी। इसके बाद सलोनी ने अपनी बहन को फोन कर बताया कि वह कैथल से निकल चुकी है। लेकिन दोपहर एक बजे तक उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिजनों ने कई बार फोन किया लेकिन सलोनी का फोन नहीं उठा। इसके बाद परिजनों ने बरसोला रेलवे स्टेशन पर जानकारी ली, जहां से उन्हें जींद रेलवे स्टेशन जाकर पता करने को कहा गया।
कैथल और नरवाना के बीच आखिर क्या हुआ
जींद पहुंचने पर जब उन्होंने सलोनी की लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई तो लोकेशन नरवाना क्षेत्र की बताई गई। परिजन तुरंत नरवाना पहुंचे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि सलोनी की नहर में डेड बॉडी मिल गई है। परिजनों का कहना है कि कैथल और नरवाना के बीच आखिर क्या हुआ, इसका अब तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सलोनी का मोबाइल फोन पुलिस अब तक बरामद नहीं कर पाई है। जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। परिजनों ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।
परिजन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए और न्याय की मांग करने लगे
पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल नरवाना के शव गृह में रखवा दिया है। परिजन नरवाना के नागरिक अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं और न्याय की मांग करने लगे हैं। परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। रविवार को नरवाना अस्पताल पहुंचे उचाना के विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार के साथ न्याय होगा।