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The Haryana Story | गाड़ियों में हीटर चलाते समय न बरतें कोई लापरवाही, हो सकता है बड़ा हादसा

गाड़ियों में हीटर चलाते समय न बरतें कोई लापरवाही, हो सकता है बड़ा हादसा

सतर्तकता-लंबे समय तक न चलाएं हीटर, बीच-बीच में करते रहे बंद

लगातार बढ़ रही ठंड तथा धुंध के मौसम में गाड़ियों में हीटर चलाना आम बात है, लेकिन गाड़ियों में हीटर का उपयोग करते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है, क्योंकि ठंड से बचने के चक्कर में लोगों द्वारा कई बार ऐसी लापरवाही कर दी जाती है जो स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि जान के लिए भी घातक साबित हो सकती है। लेकिन कार में हीटर चलाने का सही तरीका अपनाकर तथा सावधानियां बरत कर ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है। कार में लंबे समय तक हीटर चलाने से ऑक्सीजन की कमी, आंखों में जलन, सूखापन, सिरदर्द तथा श्वास से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।क्योंकि छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बंद गाड़ी में लंबे समय तक हीटर चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा हो सकती है, जो रंगहीन और गंधहीन होती है। यह गैस जानलेवा साबित हो सकती है।

हीटर को सीधे चेहरे की ओर रखने के बजाय पैरों की तरफ रखें

गाड़ियों में ताजी हवा के लिए कम से कम एक खिड़की को थोड़ा सा, लगभग आधा इंच खुला रखें। इससे गाड़ी के अंदर ऑक्सीजन का स्तर बना रहता है। वहीं हीटर की गर्मी से शरीर सुस्त हो जाता है, जिससे ड्राइविंग के दौरान नींद आने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में यदि आप खड़ी गाड़ी में हीटर चलाकर सो जाते हैं, तो ऑक्सीजन की कमी से दम घुटने का खतरा रहता है। इसके साथ आग लगने का जोखिम भी बना रहता है, इसलिए हीटर के वेंट्स के पास कोई भी ज्वलनशील वस्तु (जैसे स्प्रे कैन, कागज या हल्का कपड़ा) न रखें। हीटर को सीधे चेहरे की ओर रखने के बजाय पैरों की तरफ रखें, जिससे गर्मी धीरे-धीरे पूरे केबिन में फैले और आपको अचानक सुस्ती महसूस न हो।

काफी लंबे समय तक हीटर को चालू नहीं रखना चाहिए

अक्सर देखा जाता है कि सर्दी व धुंध के मौसम में सैर-सपाटे तथा अन्य कार्यों के लिए वाहनों में यात्रा करने वाले लोग सर्दी से बचने के लिए अपनी गाड़ियों में हीटर चला लेते है। लेकिन वाहनों में चलाया जाने वाला हीटर कार के अंदर की हवा को जलाकर गर्मी उत्पन्न करता है। इसे कंबशन प्रक्रिया कहते हैं। ऐसे में लोगों को कार में हीटर चलाते समय हवा के वेंटिलेशन को हमेशा बाहर की तरफ रखना चाहिए। जिससे बाहर की हवा कार में आती रहे और हीटर उसी हवा के कंबशन से गर्मी बनाता रहे। इसके साथ ही काफी लंबे समय तक हीटर को चालू नहीं रखना चाहिए। 

बच्चों को अकेला कार में न छोड़ें 

कार के अंदर हवा व ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखने के लिए हीटर को बीच-बीच में बंद करते रहना चाहिए। साथ ही थोड़ी देर के लिए कार की खिड़की में लगे शीशों को खोलते रहना चाहिए। बच्चों को अकेला कार में न छोड़ें, कई बार देखा जाता है कि कुछ लोग किसी कार्य को निपटाने के लिए बच्चों को अकेला कार में छोड़ कर चले जाते है। ये लोग कार के शीशों तथा खिड़कियों को लॉक कर चले जाते है। लेकिन इस तरह से बच्चों को गाड़ी में अकेला छोड़ कर जाना भी कई बार काफी खतरनाक साबित हो जाता है। चिकित्सकों की मानें तो सर्दी के मौसम में यदि गाड़ी में हीटर चलाकर छोड़ने से अंदर का तापमान बढ़ जाता है। जिससे कार में मौजूद बच्चे बेहोश तक हो सकते हैं। इस स्थिति में बच्चों को यदि जल्दी न संभाला जाए तो उनकी जान तक जा सकती है।

ध्यान रखना चाहिए कि वेंटिलेशन बना रहे : डा.सुदेशपाल

डा.सुदेशपाल ने बताया कि कार में हीटर का प्रयोग करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वेंटिलेशन बना रहे। उन्होंने बताया कि कार की खिड़की का शीशा थोड़ा सा जरूर खोल कर रखें। जिससे बाहर की हवा कार के अंदर आती रहे। डा. सुदेशपाल के अनुसार कार में हीटर से अंदर ही कार्बन ऑक्साइड के अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है। जो काफी खतरनाक होती है। इनके प्रभाव से व्यक्ति अचेत तक हो सकता है। कार में लोगों को थोड़े-थोड़े समय के अंतराल में हीटर को बंद करते रहना चाहिए।

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