हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा केवल पड़ोसी राज्य नहीं हैं, बल्कि दोनों का रिश्ता खून और भाईचारे का है। हरियाणा के लोग पंजाब से गहरा प्रेम करते हैं। उन्होंने पंजाब में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पंजाब के लोग कठिनाई में थे, तब हरियाणा वासियों ने छोटे भाई की तरह पंजाब की हर संभव मदद की। यही हमारी संस्कृति और संस्कार हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को मुक्तसर साहिब में आयोजित माघी मेला में उपस्थित जन को संबोधित कर रहे थे।
इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज
उन्होंने श्री मुक्तसर साहिब की पवित्र धरा को नमन करते हुए कहा कि इस पवित्र और ऐतिहासिक स्थल पर आना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। श्री मुक्तसर साहिब की पावन धरती, इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है। यहां चालीस मुक्तों ने, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चरणों में अपने प्राण अर्पित कर दिए। यह धरती हमें सिखाती है कि मुक्ति केवल मृत्यु के बाद नहीं, बल्कि सत्य के मार्ग पर चलकर, अन्याय के खिलाफ खड़े होकर भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने इस दौरान सभी को मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में प्राकृतिक आपदा के समय यहां के सत्तासीन नेताओं को जनता की पीड़ा दिखाई नहीं दी, आपदा के समय हरियाणा के लोगों ने पंजाब का साथ दिया, लेकिन यहां के मुख्यमंत्री उस कठिन समय में कहीं नजर नहीं आए।
एक वर्ष के भीतर 54 वादों को पूरा किया जा चुका
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पंजाब की वर्तमान सरकार ने पंजाब की जनता से जो वादे किए थे, उन पर खरी नहीं उतरी है। यहीं नहीं, वो आपदा के समय भी अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से 217 वादों वाला संकल्प पत्र जारी किया था, जिनमें से एक वर्ष के भीतर 54 वादों को पूरा किया जा चुका है। शेष 163 वादों पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने जनता से किए वायदे केवल कागजों में ही पूरे किए है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संकल्प पत्र में 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा कर दिया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की जा रही है। किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाता है और यदि किसी कारणवश देरी होती है तो ब्याज भी दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब हरियाणा और पंजाब के किसानों पर पराली जलाने के आरोप लगाए जाते थे।
बहुत सी ग्राम पंचायतों में गबन हुआ और उस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई
अब पंजाब में चार वर्षों से आम आदमी पार्टी की सरकार है, लेकिन किसानों को पराली न जलानी पड़े, इसके लिए पंजाब सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, वहीं दूसरी ओर हरियाणा सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के अलावा 1200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार मकान मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये की सहायता प्रदान भी कर रही है। इसके अलावा बहन-बेटियों के लिए भी लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये की मासिक सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में जब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आए तो मजदूरों ने मनरेगा के तहत उनको हक नहीं मिलने की बात कही और जानकारी में सामने आया कि बहुत सी ग्राम पंचायतों में गबन हुआ और उस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई।