हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने हाल ही में घोषणा की है कि हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉपोर्रेशन (HAICL) और हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ (वीटा) मिलकर सिरसा जिले में एक आधुनिक किन्नू जूस प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेंगे। कृषि मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र पब्लिक- प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल (PPP) मॉडल के तहत स्थापित किया जाएगा, जिसकी वार्षिक प्रसंस्करण क्षमता (Processing capacity) लगभग 22,000 मीट्रिक टन होगी। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देना, फसल कटाई के बाद फलों की बर्बादी को कम करना और किसानों को उनके उत्पादन का बेहतर मूल्य दिलाना है।
यह संयंत्र पब्लिक- प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत स्थापित किया जाएगा
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के अनुरूप हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉपोर्रेशन और हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ (वीटा) मिलकर सिरसा जिले में एक आधुनिक किन्नू जूस प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना करेंगे। कृषि मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र पब्लिक- प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत स्थापित किया जाएगा, जिसकी वार्षिक प्रसंस्करण क्षमता लगभग 22,000 मीट्रिक टन होगी। इस प्लांट में किन्नू के साथ-साथ अमरूद, अनार समेत अन्य फलों का भी प्रसंस्करण किया जाएगा, उत्पादों की पैकेजिंग और मार्केटिंग 'वीटा' ब्रांड के तहत की जाएगी।
प्रतिवर्ष 500 से 600 स्टोर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित
श्याम सिंह राणा ने कहा कि तैयार उत्पादों का विपणन "हर -हित" तथा "वीटा" स्टोर्स के माध्यम से किया जाएगा, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा और बागवानी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। यह परियोजना विशेष रूप से किन्नू उत्पादक किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और फलों की बबार्दी को कम करने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में "हर -हित" योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष लगभग 200 से 250 स्टोर स्थापित किए जा रहे हैं। भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार करते हुए प्रतिवर्ष 500 से 600 स्टोर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।