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The Haryana Story | हरियाणा के इस गांव के सरपंच पर 10वीं कक्षा की अलग-अलग तारीख की दो मार्कशीट बनवाने का आरोप, केस दर्ज

हरियाणा के इस गांव के सरपंच पर 10वीं कक्षा की अलग-अलग तारीख की दो मार्कशीट बनवाने का आरोप, केस दर्ज

मामले का खुलासा सीएम विंडो में शिकायत देने के बाद चुनावी हलफनामे में हुआ

गांव चुलकाना के सरपंच सतीश कुमार पर दसवीं कक्षा की अलग-अलग तारीख की दो मार्कशीट बनवाने का आरोप है। मामले का खुलासा सीएम विंडो में शिकायत देने के बाद चुनावी हलफनामे में हुआ। सरपंच पर दो अलग-अलग जन्म तिथियों और विवरणों के साथ 10वीं कक्षा की 2 मार्कशीट बनवाने और उनका चुनाव में गलत इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गांव चुलकाना निवासी ऋषिपाल सैनी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दी थी कि सरपंच सतीश कुमार ने सरकारी लाभ लेने और चुनाव लड़ने के लिए फर्जीवाड़े का सहारा लिया।

जन्मतिथि में भी करीब 11 साल का बड़ा अंतर

शिकायत के अनुसार, सतीश के पास एक ही बोर्ड से जारी 10वीं की 2 अलग-अलग सर्टिफिकेट हैं, जिनमें न केवल पास होने का साल अलग है, बल्कि जन्मतिथि में भी करीब 11 साल का बड़ा अंतर है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सतीश कुमार की पहली मार्कशीट जून 2004 की है, जिसमें उनकी जन्मतिथि 2 मार्च 1984 दर्ज है और पिता का नाम मांगेराम है। वहीं, उनकी दूसरी मार्कशीट अक्टूबर 2018 की है, जिसमें उनकी जन्मतिथि 5 मई 1973 दर्ज है और पिता का नाम 'मंगा राम' लिखा गया है। चुनावी हलफनामे ने खोली पोल फर्जीवाड़े का सबसे बड़ा सुराग चुनाव लड़ने के दौरान सामने आया। सतीश कुमार ने 2016 और 2022 में लगातार सरपंच पद का चुनाव लड़ा। 2022 के चुनाव में दिए गए हलफनामे में उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने 2018 में मैट्रिक परीक्षा पास की है। 

चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया

शिकायतकर्ता ऋषिपाल ने सवाल उठाया कि यदि सतीश ने 2018 में 10वीं पास की, तो वे 2016 के चुनाव में सरपंच पद के लिए उम्मीदवार कैसे बने, जबकि उस समय भी मैट्रिक पास होना अनिवार्य शर्त थी? यह स्पष्ट करता है कि उन्होंने चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। वही इस बारे चुलकाना के सरपंच सतीश छौक्कर ने बताया कि उसने कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया है। 2016 के चुनाव के समय उसने 2004 में 10वीं पास मार्कशीट की फोटो कापी जल्दबाजी में लगा दी थी, जिसमें उसकी जन्मतिथि गलत थी। 2018 में दोबारा उसने 10वीं की परीक्षा पास की, जिसमें उसकी जन्मतिथि ठीक है। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। वहीं इस संबंध में समालखा थाना प्रभारी गुलशन कुमार ने बताया कि ऋषिपाल सैनी की शिकायत पर सरपंच सतीश छौक्कर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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