हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। कुरुक्षेत्र से दिल्ली जाते समय करनाल के कर्ण लेक पर रुककर उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी करनाल के जिलाध्यक्ष पराग गाबा ने उन्हें बुके भेंट कर स्वागत किया। हुड्डा ने करनाल कांग्रेस की नवगठित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करना होगा।
सरकारें जनता को गुमराह कर रही
एसवाईएल मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला पहले ही आ चुका है, जिसके अनुसार हरियाणा को उसका पूरा हक मिलना चाहिए। इसके बावजूद हरियाणा में भाजपा और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकारें जनता को गुमराह कर रही हैं। मुख्यमंत्री स्तर की बैठकों को उन्होंने भ्रम फैलाने वाला बताते हुए कहा कि जब अदालत का स्पष्ट निर्णय है, तो नई बैठकों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
एचएसवीपी बनने के बाद आम आदमी के लिए प्लॉट खरीदना मुश्किल
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए हुड्डा ने कहा कि भाजपा शासन में आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां विधायकों के संरक्षण में काटी जा रही हैं। अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने लोगों के साथ धोखा किया है। हुड्डा ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में गरीब व्यक्ति को भी प्लॉट मिल जाता था, लेकिन अब एचएसवीपी बनने के बाद आम आदमी के लिए प्लॉट खरीदना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल में एक भी नया सेक्टर विकसित नहीं किया गया।
कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित
धान घोटाले को लेकर हुड्डा ने कहा कि घोटाला सामने आने के बावजूद आज तक किसी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित रखी गई, जिससे साफ है कि इस पूरे मामले को संरक्षण दिया गया है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि गेट पास और ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है।
हुड्डा की युवाओं को सलाह : केवल कानूनी तरीके से ही विदेश जाएं
अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे भारतीय युवाओं के सवाल पर हुड्डा ने युवाओं को सलाह दी कि वे केवल कानूनी तरीके से ही विदेश जाएं और उन्हें गुमराह कर विदेश भेजने वालों से सावधान रहें। वहीं बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों की तुरंत गिरदावरी कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। यूजीसी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सरकार को कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लेना चाहिए।