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The Haryana Story | उपचार से बेहतर बचाव : खानपान की आदतों में सुधार लाकर शरीर के 'इन अंगों' में होने वाले कैंसर से बचाव संभव

उपचार से बेहतर बचाव : खानपान की आदतों में सुधार लाकर शरीर के 'इन अंगों' में होने वाले कैंसर से बचाव संभव

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तरफ से जारी गाइडलाइन के अनुसार कैंसर से बचाव के लिए खानपान की आदतों में सुधार लाना हो सकता है प्रभावी

अकसर कहा जाता है, उपचार से  बेहतर है बचाव। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तरफ से जारी गाइडलाइन के अनुसार कैंसर से बचाव के लिए खानपान की आदतों में सुधार लाना प्रभावी हो सकता है। डेली डाइट में एंटी कैंसर सुपर फूड्स को शामिल करके इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स, मिनरल्स और फाइटोकेमिकल्स में कैंसर रोधी तत्व पाए जाते हैं। हमारे शरीर में कुछ फ्री रेडिकल्स होते हैं, जो कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का कारण बन सकते हैं। खासतौर पर पाचन तंत्र से संबंधित अंगों जैसे, पेंक्रियाज, कोलन और रेक्टम में होने वाले कैंसर का फूड हैबिट से सीधा संबंध होता है। इसके अलावा कई बार महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के लिए अत्यधिक मोटापे को जिम्मेदार माना जाता है, इसलिए खान-पान की आदतों में सुधार लाकर शरीर के इन अंगों में होने वाले कैंसर से बचाव संभव है।

संतुलित और एंटीकैंसर्स डाइट करती है कवच का काम

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के अनुसार, लगभग 30-50% कैंसर के मामलों को केवल जीवनशैली और खानपान में सुधार करके रोका जा सकता है। एक संतुलित और एंटीकैंसर्स डाइट इस घातक बीमारी के जोखिम को कम करने में एक मजबूत कवच का काम करती है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी की गाइडलाइन के मुताबिक अगर प्लांट बेस्ट डाइट वानी शाकाहारी भोजन को अपनी डाइट में प्रमुखता से शामिल किया जाए तो इससे कैंसर से बचाव में मदद मिल सकती है। फलों और सब्जियों की 5 सर्विंग्स को अपनी डेली डाइट में शामिल करना चाहिए। यानी डेली कम से कम 500 ग्राम मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन हालांकि कैंसर खतरनाक बीमारी है। लेकिन अगर शुरू से आप अपनी डाइट को लेकर कॉन्शस रहे तो काफी हद तक कैंसर से बचाव संभव है। 

WHO और विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए आहार संबंधी निर्देश और "सुपरफूड्स" 

1.WHO की डाइट गाइडलाइन

प्रतिदिन 5 सर्विंग: दिनभर में कम से कम 400 ग्राम (लगभग 5 सर्विंग) फल और सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है।

प्लांट-बेस्ड डाइट: अपने भोजन का मुख्य हिस्सा पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों (अनाज, दालें, फल और सब्जियां) को बनाएँ।

फाइबर की अधिकता: रोजाना कम से कम 30 ग्राम फाइबर का सेवन करें, जो मुख्य रूप से साबुत अनाज और फलियों से मिलता है।

प्रोसेस्ड मीट से दूरी: बेकन, सॉसेज और अन्य प्रोसेस्ड मीट के सेवन से बचें, क्योंकि इनका सीधा संबंध कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ते जोखिम से पाया गया है।

2. एंटीकैंसर्स "सुपरफूड्स" जो डाइट में शामिल करें 

हालाँकि कोई एक भोजन अकेले कैंसर को पूरी तरह नहीं रोक सकता, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों में शक्तिशाली एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं:

क्रुसिफेरस सब्जियाँ: ब्रोकोली, फूलगोभी, और पत्तागोभी में सल्फर यौगिक (जैसे सल्फोराफेन) होते हैं जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में मदद कर सकते हैं।

बेरीज: स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे फलों में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स (एंथोसायनिन) होते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। 

साबुत अनाज: भूरा चावल (Brown rice), जई (Oats) और क्विनोआ फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं, जो पाचन तंत्र के कैंसर के जोखिम को कम करते हैं।

लहसुन और प्याज: इनमें एलियम यौगिक होते हैं जो ट्यूमर के विकास को रोकने की क्षमता रखते हैं।

फाइबर युक्त चीजें: जैसे- चना, दालें, ब्राउन राइस, सोयाबीन, स्प्राउट्स, दलिया, मल्टीग्रेन आटा और सभी तरह के मोटे अनाज का सेवन नियमित करें।

टमाटर: इसमें लाइकोपीन पाया जाता है, जो विशेष रूप से प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने के लिए जाना जाता है।

नट्स: बादाम, अखरोट और अन्य नट्स कैंसर से बचाव में मददगार होते हैं।

दूध और दही: कैल्शियम से भरपूर दूध और दही भी कोलन कैंसर से बचाव में मददगार हैं। ऑलिव ऑयल और फिश का सेवन। 

3. किन चीजों से परहेज करें?

चीनी और मीठे पेय: अत्यधिक चीनी वजन बढ़ाती है, जो कई प्रकार के कैंसर का प्रमुख कारण है।

अल्कोहल: कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए शराब का सेवन सीमित या पूरी तरह बंद करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

फास्ट फूड: अधिक कैलोरी और वसा वाले प्रोसेस्ड फूड्स,अधिक मात्रा में मैदा, घी-तेल, मिर्च-मसाले, जंक से परहेज करें, सिगरेट और तंबाकू भी कैंसर का बड़ा कारण है।

रखें ध्यान

खानपान की आदतों में सुधार लाकर कुछ हद तक कैंसर से बचाव संभव है। लेकिन सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। इन सुझावों पर अमल करने यानी अच्छी फूड हैबिट्स के साथ रेगुलर हेल्थ चेकअप भी जरूरी है।

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