जिला कारागार फरीदाबाद (नीमका जेल) में जेल प्रशासन की सतर्कता से नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया। बता दें कि जेल परिसर में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान बैरक नंबर 18 की दीवार के पास टेप में लिपटी हुई एक पीले, सफेद और गुलाबी रंग की गेंद बरामद की गई। जांच करने पर इसके अंदर करीब 17 ग्राम नशीला पदार्थ जो सल्फर जैसा दिखने वाला था, वो पाया गया, जिस पर 'Raja Gold' अंकित था।
जानें कैसे हुआ साजिश का पर्दाफाश
जानकारी मुताबिक गुप्त सूत्रों के हवाले से प्राप्त सूचना के आधार पर उपाधीक्षक (सुरक्षा) की निगरानी में गठित जेल स्टाफ की विशेष टीम द्वारा गत 2 फरवरी को एक तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान बैरक नंबर-18 के समीप तीसरे कोर्ट की दीवार के पास टेप में लिपटी एक बॉल बरामद की गई, जिसका रंग पीला, सफेद और गुलाबी था और इस गेंद पर लिखा था ‘राजा गोल्ड’, टीम ने जांच की तो बॉल के अंदर एक सुल्फानुमा नशीला पदार्थ मिला, जिसका वजन करीब 17 ग्राम पाया गया। पुलिस जांच ने जांच आगे बढ़ाई, तो सामने आया कि यह साजिश बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव निवासी विचाराधीन कैदी मोहित के निर्देश पर रची गई थी। मोहित के निर्देश पर, हाल ही में जमानत पर छूटे पवन (निवासी बल्लभगढ़) ने जेल की दीवार के बाहर से यह गेंद अंदर फेंकी थी। इसमें जेल के अंदर बंद एक अन्य कैदी गौरव की संलिप्तता भी सामने आई है।
'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने और सुरक्षा को और कड़ा करने की प्रतिबद्धता जताई
उल्लेखनीय है कि उक्त नशीला पदार्थ विचाराधीन बंदी मोहित पुत्र दिनेश निवासी ऊंचा गांव, बल्लभगढ़ के कहनेपर जेल परिसर में फिंकवाया गया था और इस साजिश को अंजाम देने के लिए पवन पुत्र कुमेरपाल निवासी ऊंचा गांव, बल्लभगढ़ जो अभी हाल ही में जमानत पर जेल से रिहा हुआ था, उसके द्वारा जेल के बाहर से बॉल फेंकी गई। इसके साथ ही जेल के अंदर से निगरानी कैदी गौरव पुत्र धर्मबीर निवासी ग्राम पंचोली, जिला फरीदाबाद की संलिप्तता भी उजागर हुई है। जेल प्रशासन ने इस मामले की जानकारी सदर बल्लभगढ़ पुलिस को दे दी है, ताकि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके। जेल प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने और सुरक्षा को और कड़ा करने की प्रतिबद्धता जताई है।