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The Haryana Story | हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन : तीखे राजनीतिक तेवर, आरोप-प्रत्यारोप, लगातार हंगामे के बीच चलती रही कार्यवाही

हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन : तीखे राजनीतिक तेवर, आरोप-प्रत्यारोप, लगातार हंगामे के बीच चलती रही कार्यवाही

नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री के बीच सीधी बहस हुई, जबकि कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया, बाद में वे वापस सदन में लौटे

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में तीखे राजनीतिक तेवर, आरोप-प्रत्यारोप और लगातार हंगामे के बीच कार्यवाही चलती रही। प्रश्नकाल से शुरू हुई कार्यवाही दोपहर बाद उस समय गरमा गई जब निजी बैंक में 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मुद्दा उठा। इस पर नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री के बीच सीधी बहस हुई, जबकि कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया। बाद में वे वापस सदन में लौटे। शाम को गवर्नर के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को कई मोर्चों पर घेर लिया और सदन का माहौल एक बार फिर गरमा गया।

बैंक घोटाले पर सरकार ने जांच का दिया भरोसा

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने निजी बैंक में सरकारी धन से जुड़े 590 करोड़ रुपये के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए जवाब मांगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक से सरकारी राशि राष्ट्रीयकृत बैंक में ट्रांसफर कर दी है। मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस को सौंप दी गई है तथा सेबी को भी पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

गवर्नर अभिभाषण पर कांग्रेस का तीखा हमला

गवर्नर के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पहली बार अभिभाषण में स्वास्थ्य, प्रदूषण, पशुपालन और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का जिक्र तक नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हजारों करोड़ के धान और श्रम विभाग के घोटालों, आईपीएस अधिकारी के सुसाइड केस, कर्मचारियों की आत्महत्या और सूरजकुंड मेले के हादसे का भी कोई उल्लेख नहीं है। अरोड़ा ने हरियाणा टेलीकॉम से जुड़े कथित ई-ऑक्शन घोटाले का मामला उठाते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि इसमें सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। 

HKRN को लेकर सरकार पर निशाना

अशोक अरोड़ा ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए इसे बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक ही जगह काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में भारी अंतर है, हजारों कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला और SC -BC वर्ग को आरक्षण का लाभ भी नहीं मिल रहा। अशोक अरोड़ा ने करनाल और यमुनानगर में धान खरीद से जुड़े घोटाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पंजाब में जांच के आदेश हो चुके हैं, लेकिन हरियाणा में ऐसा क्यों नहीं किया गया। उन्होंने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की और किसानों को मुआवजा देने की बात कही। 

मंत्री-विपक्ष में तीखी नोकझोंक

सरकार की ओर से मंत्री कृष्ण बेदी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में क्षेत्रवाद ही नहीं, गोत्र के आधार पर नौकरियां दी जाती थीं। इस पर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष हुड्डा ने स्पीकर से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कुछ मंत्रियों को बोलने से रोकने की अपील की। 

HPSC पर चर्चा को लेकर टकराव, वेल में पहुंचे विधायक

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सरकार HPSC के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन छोड़कर न जाए। इसके बावजूद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत जांच के बाद ही इस पर चर्चा कराई जाएगी और सदन नियमों से ही चलेगा। सत्र से पहले HPSC भर्ती पैटर्न के विरोध में विधानसभा घेराव करने जा रहे अभ्यर्थियों को चंडीगढ़ में पुलिस ने रोक लिया, जिससे बाहर भी माहौल गरमाया रहा। 

सत्ता पक्ष ने गिनाई उपलब्धियां, विपक्ष ने उठाए सवाल

बीजेपी विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं और 2047 तक हरियाणा को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य है। विधायक प्रमोद विज ने सोशल मीडिया पर वायरल पुलिस ड्यूटी के वीडियो को साजिश बताते हुए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की मांग की, जिसे सदन ने स्वीकार किया।

नेता प्रतिपक्ष के बाहर जाने पर सत्ता पक्ष के ठहाके

गवर्नर अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष हुड्डा के सदन से बाहर जाने पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने ठहाके लगाए। इस पर सदन में कुछ देर के लिए हल्का-फुल्का माहौल भी बना। वहीं हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि करनाल में लोक निर्माण विभाग के एक नए विश्राम गृह का निर्माण के लिए सरकार के विचाराधीन है। इसके लिए अनुमानित लागत 6485.54 लाख रुपये का अनुमान तैयार किए गए है। इस विश्राम गृह का निर्माण कार्य आगामी 36 माह में पूरा किया जाएगा। हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री आज हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान करनाल के विधायक जगमोहन आनंद द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।

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