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The Haryana Story | पानीपत रिफाइनरी में श्रमिकों ने मांगों को लेकर काटा बवाल, गाड़ियों के साथ तोड़-फोड़, सीआईएसएफ जवानों पर किया पथराव

पानीपत रिफाइनरी में श्रमिकों ने मांगों को लेकर काटा बवाल, गाड़ियों के साथ तोड़-फोड़, सीआईएसएफ जवानों पर किया पथराव

श्रमिकों ने कई गाड़ियों में तोड़-फोड़ कर उन्हें पलट कर क्षतिग्रस्त कर दिया

पानीपत रिफाइनरी स्थित निर्माणाधीन परियोजना पी 25 में सोमवार सुबह श्रमिकों ने अपनी मांगे मनवाने के लिए खूब बवाल काटा। श्रमिकों ने कई गाड़ियों में तोड़-फोड़ कर उन्हें पलट कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं श्रमिकों ने रिफाइनरी की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को भी नहीं बख्शा और जवानों पर पथराव कर दिया, जिस कारण कई जवान घायल हो गए। जवानों द्वारा श्रमिकों को समझाने पर न मानने के कारण और अपना बचाव करने के लिए हल्का बल प्रयोग कर दो हवाई फायर कर श्रमिकों को तितर-बितर किया गया।

श्रमिकों को गेट के अंदर नहीं घुसने दिया

इसके बाद श्रमिक एकत्रित होकर रिफाइनरी के मेंन गेट पर पहुंचे। रिफाइनरी प्रशासन और ठेकेदार कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीआईएसएफ जवानों ने रिफाइनरी का गेट बंद कर श्रमिकों को गेट के अंदर नहीं घुसने दिया। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक पानीपत आईपीएस भूपेंद्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मामले को शांत करवाया। इस मौके पर कमांडेंट सीआईएसएफ दीपक मणि तिवारी और रिफाइनरी प्रशासन भी उपस्थित रहा।

सीआईएसएफ जवानों पर पत्थराव

जानकारी मुताबिक पानीपत रिफाइनरी की निर्माणाधीन परियोजना पी 25 में सोमवार सुबह लगभग 9:30 बजे श्रमिक अपनी मांगे मनवाने के लिए काम बंद कर एकत्रित होना शुरू हो गए। अपनी मांगों की पूर्ति के लिए परियोजना के गेट से बाहर निकलकर रिफाइनरी के गेट नंबर 1 की और जाने लगे तो रिफाइनरी की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने गेट बंद कर उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया। जिससे गुस्साए श्रमिकों ने गेट के पास गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी और सीआईएसएफ जवानों पर पत्थराव शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी राजबीर सिंह और सदर थाना प्रभारी नीरज दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवाने का प्रयास किया। परंतु बेकाबू श्रमिक पत्थरबाजी कर गेट से बाहर निकल गए। 

अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को किया तैनात 

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया। आनन फानन में रिफाइनरी प्रशासनिक अधिकारी भी रिफाइनरी के गेट नंबर 1 पर पहुंचे और श्रमिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत शुरू की गई। खबर लिखे जाने तक श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल और रिफाइनरी अधिकारियों के बीच बातचीत जारी थी और मामला पूरी तरह से शांत हो चुका था। सभी श्रमिक अपने काम पर या घरों में जा चुके थे। रिफाइनरी परियोजना से निकलकर रिफाइनरी गेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए श्रमिकों ने बताया कि ठेकेदारों और ठेकेदार कंपनियों द्वारा श्रमिकों शोषण किया जाता है इसके बारे में हम कई बार रिफाइनरी अधिकारियों को बता चुके हैं परंतु हमारी समस्या का समाधान नहीं किया जाता। इसके साथ ही रिफाइनरी निर्माणाधीन परियोजना के अंदर कई मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जिस कारण श्रमिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

क्या हैं मांगें

श्रमिकों ने बताया कि हमारी कई मुख्य मांगे हैं। जिसमें श्रमिकों के कार्य का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया जाए। ठेकेदारों द्वारा उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जाता। परियोजना में श्रमिकों के लिए पीने के पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है। इसके अलावा परियोजना में कैंटीन जैसी मुलभुत सुविधाएं नहीं हैं। 

जवानों को करना पड़ा हवाई फायर

पुलिस अधीक्षक पानीपत आईपीएस भूपेंद्र सिंह ने बताया कि श्रमिकों की कुछ मांगे जैसे ठेकेदार द्वारा समय पर मेहनताना न देना और श्रमिकों से 12 घंटे काम करवाना थी। श्रमिकों ने सीआईएसएफ के जवानों पर पत्थराव किया था अपने बचाव में जवानों द्वारा दो हवाई फायर किए गए थे। यदि सीआईएसएफ द्वारा कोई शिकायत दी जाएगी तो नियमानुसार कारवाई की जाएगी। रिफाइनरी प्रशासन और श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत चल रही है। रिफाइनरी प्रशासन ने आश्वासन दिलवाया कि श्रमिकों की जो जायज़ मांगें हैं उन्हें पूरा किया जाएगा। पुलिस की एक कंपनी 24 घंटे रिफाइनरी में तैनात रहेगी। अब मामला शांत है रिफाइनरी में कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।  

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