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The Haryana Story | स्वच्छता सर्वे में फिसड्डी शहर, सरकार के दावों की खुली पोल, सैलजा बोलीं -'गार्बेज’ के नाम पर घोटाला रोके सरकार

स्वच्छता सर्वे में फिसड्डी शहर, सरकार के दावों की खुली पोल, सैलजा बोलीं -'गार्बेज’ के नाम पर घोटाला रोके सरकार

हरियाणा के शहरों को स्वच्छ बनाए, -स्वच्छता जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है

हरियाणा में हाल ही में सामने आई स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट ने राज्य सरकार के दावों की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहर, जो प्रदेश के राजस्व में 70 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं, स्वच्छता के मामले में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल पाए गए हैं। 10 में से मात्र 4.5 अंक मिलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि शहरी विकास और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई। यह बात सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने आज मीडिया को जारी एक बयान में कही। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि रिपोर्ट में यह तथ्य भी सामने आया है कि कई नगर निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। जब निरीक्षण, मॉनिटरिंग और कचरा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पद खाली हो, तो व्यवस्थाओं का प्रभावित होना स्वाभाविक है। 

समय रहते सुधारना आवश्यक

यह स्थिति प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाती है, जिसे समय रहते सुधारना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डबवाली और सिरसा सहित प्रदेश के कई शहरों की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। करोड़ों रुपये सफाई व्यवस्था पर खर्च होने के बावजूद बाजारों, गलियों और कॉलोनियों में कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। नगर परिषदों द्वारा निजी कंपनियों को ठेके दिए जाने के बावजूद डोर-टू-डोर कलेक्शन, कचरा पृथककरण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा स्मार्ट सिटी और स्वच्छता को लेकर किए गए बड़े दावों के बीच सरकार की अपनी सर्वे रिपोर्ट ही जमीनी हकीकत सामने ला रही है। 

‘गार्बेज मैनेजमेंट’ व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यक्षमता की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता

इससे प्रतीत होता है कि ‘गार्बेज मैनेजमेंट’ व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यक्षमता की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रदेश की जनता स्वच्छ वातावरण और बेहतर शहरी सेवाओं की अपेक्षा रखती है। सरकार से मांग है कि वह रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करे, कचरा प्रबंधन प्रणाली की निष्पक्ष समीक्षा कराए, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाए तथा नगर निकायों की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करे। स्वच्छता जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। सरकार को इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि हरियाणा के शहर स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित बन सकें।

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