पानीपत डीसी डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को पानीपत रिफाइनरी में एलएनटी, टोयो व अन्य प्रमुख कंपनियों के ठेकेदारों और श्रमिकों के विवाद को सुलझाने के लिए रिफाइनरी से संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक ली और सख्त निर्देश दिए कि श्रमिकों के साथ कोई भी भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कम्पनीयों के ठेकेदार उनका शोषण करना बंद करें और श्रमिकों द्वारा रखी गई सभी मांगों को पूरा करना सुनिश्चित करें।
कम्पनी ठेकेदारों को सख्त हिदायत
डीसी डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने उपस्थित सभी कम्पनी ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी - श्रमिकों द्वारा 8 घंटे की ड्यूटी वेतन, हर माह एक से सात तारीख के बीच में वेतन और सरकार द्वारा घोषित मिनिमम लेबर रेट के अनुसार दिया जाना सुनिश्चित करें। अगर 8 घंटे से ज्यादा काम लिया जाता है तो ओवरटाइम भी दिया जाए। इसके साथ-साथ जितने भी राष्ट्रीय स्तर के अवकाश होते हैं वह भी मिलने सुनिश्चित किए जाएं। रिफाईनरी द्वारा बड़ी-बड़ी कम्पनीयों को काम अलॉट किया गया है और वे ठेकेदार श्रमिकों से काम लेते हैं। इसलिए यह जिम्मेदारी रिफाईनरी की ना होकर कम्पनीयों के ठेकेदारों की बनती है कि वे श्रमिकों द्वारा रखी गई सभी मांगों को पूरा करें।
किसी भी तरह का लाठी चार्ज करना ठीक नहीं
डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि श्रमिकों की ओर से बाथरूम और पीने के पानी की व्यवस्था करने की भी मांग आई है जिसे हर हाल में दुरुस्त किया जाए। डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि रिफाइनरी में बहुत सारे असंगठित क्षेत्र के श्रमिक है और इन पर किसी भी तरह का लाठी चार्ज करना ठीक नहीं है। लाठी चार्ज किसी भी समस्या का कोई समाधान नहीं है इसलिए सौहार्दपूर्ण दायित्व के साथ अपनी जिम्मेदारी समझे और श्रमिकों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया छोडक़र उनकी सभी मांगों को पूरा करें।
श्रमिकों द्वारा कुल 9 मांगे रखी गई, जिन्हें मान लिया गया
डीसी डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि वर्तमान में दिन प्रतिदिन पानीपत में श्रमिकों की संख्या बढ़ रही है और यह भविष्य में और भी बढ़ेगी इसलिए सभी प्रमुख कंपनी को ठेकेदार श्रमिकों के साथ तालमेल कर कल से उन्हें काम पर लौटना सुनिश्चित करें। सभी कंपनियों के ठेकेदार सभी मांगों को पूरा करने का एक लिखित आश्वासन भी दें और उसे प्रमुख स्थानों पर भी चस्पा करवाएं। यही नहीं उस लिखित आश्वासन को श्रमिकों तक भिजवाएं ताकि वह आश्वस्त हो सकें कि कंपनी के ठेकेदारों द्वारा उनकी मांगों को मान लिया गया है। डीसी डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने बताया कि कम्पनीयों के प्रमुख ठेकेदारों द्वारा आश्वस्त किया गया है कि श्रमिकों द्वारा कुल 9 मांगे रखी गई हैं जिन्हें मान लिया गया है और यह संदेश सभी श्रमिकों तक पहुंचाना सुनिश्चित भी किया जाएगा।
सभी ठेकेदार श्रमिकों की मांग को पूरा कर अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करें
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यह समय संवेदनशीलता की प्राथमिकता को समझने का है और इसको सभी ठेकेदार अच्छी तरह से समझे। सभी श्रमिकों के साथ आपस में संवाद स्थापित करना भी सुनिश्चित करें क्योंकि संवादहीनता भी कई बार हिंसा का कारण बन जाती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसी भी सूरत में हिंसा नहीं होने देगा लेकिन सभी ठेकेदार श्रमिकों की मांग को पूरा कर अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करें।
ठेकेदार अपने सुपरवाइजर के माध्यम से श्रमिकों के साथ लगातार संपर्क में रहे
एसपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सभी ठेकेदार अपने सुपरवाइजर के माध्यम से श्रमिकों के साथ लगातार संपर्क में रहे और संवाद स्थापित करते रहें। कानून किसी को भी हाथ में लेने की इजाजत नहीं है, इसीलिए लगातार रिफाइनरी में फोर्स बढ़ाई जा रही है और इस पर लगातार मॉनीटरिंग भी की जाएगी। बैठक में रिफाइनरी के ईडी एमएल डेहरिया ने डीसी डॉक्टर वीरेंद्र कुमार दहिया और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह को आश्वस्त किया कि उन द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों की अनुपालना की जाएगी और बुधवार से हालात सामान्य हो जाएंगे। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, डीएसपी राजवीर सहित रिफाइनरी के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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