पानीपत रिफाइनरी की निर्माणाधीन परियोजना पी 25 में दूसरे दिन मंगलवार को भी श्रमिकों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए काम बंद कर हड़ताल जारी रखी। हालांकि श्रमिकों की मांगें लिखित में मानने के बाद दोपहर बाद कुछ श्रमिक काम पर लौट आए। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए परियोजना के गेट नंबर 3 और 4 पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बता दें कि सोमवार सुबह श्रमिक अपनी मांगें मनवाने के लिए पानीपत रिफाइनरी की निर्माणाधीन पी 25 परियोजना में एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए परियोजना के गेट से बाहर निकलकर रिफाइनरी के गेट नंबर 1 की और जाने लगे तो रिफाइनरी की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने गेट बंद कर उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया। जिससे गुस्साए श्रमिकों ने गेट के पास गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी थी और सीआईएसएफ जवानों पर पथराव शुरू कर दिया था।
ठेकेदारों और ठेकेदार कंपनियों द्वारा किया जाता है श्रमिकों का शोषण
मामले की सूचना मिलते ही डीएसपी राजबीर सिंह और सदर थाना प्रभारी नीरज दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवाने का प्रयास किया था। परंतु बेकाबू श्रमिक पत्थरबाजी कर गेट से बाहर निकल गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया। पत्थरबाजी में सीआईएसएफ के कई जवान घायल हो गए थे। जवानों ने अपने बचाव के लिए 2 हवाई फायर करने पड़े थे।
आनन फानन में रिफाइनरी प्रशासनिक अधिकारी भी रिफाइनरी के गेट नंबर 1 पर पहुंचे और श्रमिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत शुरू की थी। रिफाइनरी परियोजना से निकलकर रिफाइनरी गेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए श्रमिकों ने आरोप लगाते हुए बताया था कि ठेकेदारों और ठेकेदार कंपनियों द्वारा श्रमिकों का शोषण किया जाता है। इसके बारे में हम कई बार रिफाइनरी अधिकारियों को बता चुके हैं। परंतु हमारी समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके साथ ही रिफाइनरी निर्माणाधीन परियोजना के अंदर कई मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जिस कारण श्रमिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इन मांगों को लेकर कर रहे हैं प्रदर्शन
श्रमिकों ने बताया कि हमारी कई मुख्य मांगे हैं। जिसमें श्रमिकों के कार्य का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया जाए। ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं दिया जाता। परियोजना में श्रमिकों के लिए पीने के पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है। इसके अलावा परियोजना में कैंटीन जैसी मुलभुत सुविधाएं नहीं हैं।
हाज़िरी के लिए पंचिंग कर लौटे वापिस श्रमिक
परियोजना के गेट नंबर 3 से अंदर जाकर अपनी फेस पंचिंग कर बाहर आते रहे ताकि उन्हें आज के दिन की हाजीरी मिल सके। परियोजना के गेट नंबर 4 से आवाजाही बिल्कुल बंद रही। एक कंपनी द्वारा लिखित में मांगें मानने के आश्वासन के बाद श्रमिक खुश नजर आए परंतु कुछ समय बाद श्रमिक हल्ला गुल्ला करने लगे और बोले हमें सभी कंपनियों से ऐसे ही लिखित में चाहिए। पुलिस प्रशासन और रिफाइनरी अधिकारियों द्वारा परियोजना में कार्य करने वाली सभी कंपनियों से ऐसे ही लिखित में लेने के आश्वासन के उपरांत कुछ श्रमिक दोपहर बाद काम पर लौट आए।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने किया पी 25 परियोजना का दौरा
रिफाइनरी में स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को उपायुक्त पानीपत आईएएस विरेन्द्र सिंह दहिया और पुलिस अधीक्षक आईपीएस भूपेंद्र सिंह ने पी 25 परियोजना में श्रमिकों द्वारा तोड़फोड़ किए गए क्षेत्र का दौरा किया गया।
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